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पहाड़ पर महल बनवाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ने खर्च कर दिया 500 करोड़ रुपये, जांच की मांग तेज

Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी पर सरकारी खजाने से अपने लिए महल बनवाने का आरोप लगा है।

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जनता के खून पसीने की कमाई का बंदरबाट नेता किस तरह से करते हैं इसकी बानगी कई बार देखने के लिए मिलती है। कभी किसी महोत्सव के नाम पर अरबों रुपये खर्च कर दिए जाते हैं तो कभी चुनाव जीतने के लिए मुफ्त सामान बांटा जाता है। आंध्र प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी पर सरकारी खजाने से अपने लिए महल बनवाने का आरोप लगा है। उन पर टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि रेड्डी ने विशाखापत्तनम की रुशिकोंडा हिल पर सरकारी खजाने से एक भव्य महलनुमा घर अपने लिए एक कैम्प कार्यालय के रूप में बनाई।

9.88 एकड़ में फैला हुआ रुशिकोंडा महल 

टीडीपी विधायक गंटा श्रीनिवास राव ने बीते दिनों एनडीए प्रतिनिधिमंडल और मीडियाकर्मियों के साथ समुद्र तट के ऊपर स्थित भव्य 'महल' का पहला दौरा किया। इस दौरान वहां मौजूद लोग महलनुमा घर को देखकर हैरान रह गए। बताया जा रहा है कि रुशिकोंडा महल 9.88 एकड़ में फैला हुआ है और यह समुद्र के सामने इलाके में बना हुआ है।

गंटा श्रीनिवास राव का कहना है कि पिछली सरकार ने इसे गुप्त रूप से बनवाया था, जिसमें शानदार सुविधाओं, चमचमाते झूमर, बाथटब और अन्य कामों पर सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किया गया था। राव ने इसकी इराक के तानाशाह रहे सद्दाम हुसैन और जनार्दन रेड्डी द्वारा बनवाए गए महलों से की। उन्होंने तर्क दिया कि महल में समीक्षा और बैठकों के लिए डिजाइन किया गया एक बड़ा सम्मेलन कमरा भी शामिल है, जोकि वास्तव में पर्यटक संपत्तियों की विशेषता नहीं है।

गोपनीय रुप से बनाया गया घर    

टीडीपी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि इस निर्माण को काफी गोपनीय रखा गया था और जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआरसीपी के समर्थकों को ठेके दिए गए। टीडीपी नेता ने कहा कि रुशिकोंडा में पर्यटन के लिए ग्रीन रिसॉर्ट्स, जिनसे सालाना 8 करोड़ रुपये तक की आय होती थी, को महल के लिए ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अदालतों को गुमराह किया। उन्होंने दावा किया कि शुरू में राज्य सरकार ने इसे स्टार होटल, फिर सीएम कैंप ऑफिस और बाद में पर्यटन प्रोजेक्ट बताया।

जमीन समतल करने में खर्च कर दिया 91 करोड़

इस प्रोजेक्ट को 15 महीने की समय सीमा के साथ 91 करोड़ रुपये के बजट के साथ एक स्टार होटल के रूप में लॉन्च किया गया था। टीडीपी ने आरोप लगाया है कि 95 करोड़ रुपये सिर्फ जमीन को समतल करने पर और 21 करोड़ रुपये आसपास के इलाकों को सुंदर बनाने पर खर्च किए गए। निर्माण दूर से नहीं दिखाई दे, इसके लिए 20 फीट से ऊंची बैरिकेडिंग लगाई गई थी। 

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