
Explosives used in Noida Twin Towers demolition is equal to 3 Agni, 12 Brahmos missiles
देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के के सेक्टर 93 ए में सुपरटेक के ट्विन टॉवर्स आज ध्वस्त कर दिया गया। जोरदार धमाके के साथ चंद सेकंड के अंदर ये टावर जमींदोज हो गया। इस टावर को गिराने के लिए करीब 3500 किलो विस्फोटक इस्तेमाल किया गया जोकि 3 AGNI-V, 12 ब्रह्मोस मिसाइलों के बराबर है। इसे समझते हैं कैसे ..
यदि देखें तो एक अग्नि-5 मिसाइल का वजन करीब 50,000 किलोग्राम होता है। इसके ऊपर 1,500 किलोग्राम तक वारहेड लगाया जा सकता है। इसकी मारक क्षमता 5 हजार किलोमीटर तक की है।
वहीं, ब्रह्मोस की बात करें तो इसका शिप और लैंड बेस्ड ब्रह्मोस मिसाइल 200 किलोग्राम वारहेड (विस्फोटक सामग्री) जबकि एरियल वैरिएंट 300 किलोग्राम वारहेड ले जाने की क्षमता रखता है। इस मिसाइल का वजन का करीब 2200 से 3000 किलोग्राम तक का होता है। वारहेड एक विस्फोटक या एक टाक्सिक सामग्री है जिसे एक मिसाइल या रॉकेट या टॉरपीडो द्वारा डिलिवर किया जाता है। ये एक प्रकार का बम है।
इस तरह से देखें तो इस टावर को ध्वस्त करने के लिए जो कुल विस्फोटक सामग्री इस्तेमाल हुई है वो 3 Agni V और 12 ब्रह्मोस के बराबर है। इसे ऐसे समझिए:
3,500 किलोग्राम = 3 x Agni V वारहेड,
3,500 किलोग्राम = 12 x ब्रह्मोस वारहेड
'वाटरफॉल इम्प्लोजन' तकनीक का हुआ इस्तेमाल
बता दें कि कुतुब मीनार से भी ऊंचा 20 करोड़ की लागत से बना ट्विन टावर कुछ ही सेकंड में धूल में मिल गया। भारत के इतिहास में ये अब तक की सबसे ऊंची संरचना थी जिसे ध्वस्त किया गया है। इसे 'वाटरफॉल इम्प्लोजन' (waterfall implosion) तकनीक का इस्तेमाल कर गिराया गया है ये एक ऐसी तकनीक है जिससे मलबा झरने से गिरने वाले पानी की तरह नीचे गिरता है। इसी तरह बटन दबाते ही इमारत में लगे विस्फोटकों में धमाका हुआ और टावर पानी के झरने की तरह नीचे गिरकर धूल में मिल गया।
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Updated on:
28 Aug 2022 04:03 pm
Published on:
28 Aug 2022 03:58 pm

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