
रूस दिवस पर एस. जयशंकर का खास संदेश। फोटो में भारत और रूस के विदेश मंत्री (इमेज सोर्स: एस. जयशंकर एक्स पोस्ट स्क्रीनशॉट)
India Russia Diplomacy: 12 जून, रूस दिवस के अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रूसी सरकार और वहां की जनता को शुभकामनाएं देकर दोनों देशों की मजबूत दोस्ती का संदेश दिया।
जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच मौजूद स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप आने वाले समय में और मजबूत होगी।
फिनलैंड में एक कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन विवाद पर कहा- यूरोप ऐसे हथियार बेचता है जिनका इस्तेमाल भारत पर हमला करने के लिए किया जाता है। भारतीयों ने कभी भी यूरोप को खतरे में नहीं डाला। उस पर हमला नहीं किया। यह उसकी दोहरी नीति को दर्शाता है।
अमेरिका और रूस के सवाल पर डॉ. एस जयशंकर ने आगे कहा कि रूस, भारत का स्थिर सप्लायर है। अमेरिका ने भारत से रूसी एनर्जी खरीदने के लिए कहा, फिर टैरिफ लगाए और फिर उन्हें वापस ले लिया।
भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत और भरोसेमंद रिश्ते रहे हैं। रूस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक खास रिश्ता है, जो हर चुनौती और बदलते वैश्विक हालात के बावजूद समय की कसौटी पर खरा उतरा है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस की बॉन्डिंग पिछले कुछ वर्षों में और अधिक मजबूत हुई है और इससे दोनों देशों को फायदा मिला है।
मिसरी ने इस अवसर पर रूस की सरकार और जनता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत इस साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोनों देश लगातार उच्च स्तर पर संवाद कर रहे हैं, जो उनके मजबूत संबंधों का प्रमाण है।
विदेश सचिव ने बताया कि भारत और रूस वैश्विक चुनौतियों से निपटने, बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सितंबर 2026 में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्वागत के लिए उत्सुक है।
मिसरी ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनमें युद्ध, आर्थिक अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावटें और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं। ऐसे समय में भारत और रूस का सहयोग स्थिरता का एक महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि दोनों देश व्यापार, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया है।
इस मौके पर भारत में रूस के वर्तमान राजदूत डेनिस अलीपोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
Updated on:
12 Jun 2026 09:06 am
Published on:
12 Jun 2026 08:31 am
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