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फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़: चार गिरफ्तार, 179 युवक-युवतियां बचाई गईं

झारखंड की पूर्वी सिंहभूम ग्रामीण पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शहर के घाटशिला थाना क्षेत्र में नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में चल रहे एक फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया।

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फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ Photo IANS

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम ग्रामीण पुलिस ने घाटशिला थाना क्षेत्र में नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में चल रहे फर्जी नौकरी रैकेट का पर्दाफाश किया। बुधवार, 27 अगस्त 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। घाटशिला के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल ने भटसीला, बाना और मऊभंडार क्षेत्रों में छापेमारी की, जिसमें 103 संदिग्धों को पकड़ा गया और एक व्यक्ति को पीड़ितों पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

बेरोजगार युवकों को ठगा, मारपीट का आरोप

जांच में खुलासा हुआ कि मेसर्स रिया एंटरप्राइजेज नामक कंपनी बेरोजगार युवकों को नौकरी का झांसा देकर प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये वसूल रही थी। इसके बाद, उन्हें जबरन नेटवर्क मार्केटिंग में शामिल किया जाता था। विरोध करने वालों के साथ मारपीट की जाती थी और उन्हें परिवार से संपर्क करने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाती थी। पुलिस ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के 179 युवक-युवतियों को किराए के मकानों से मुक्त कराया, जिन्हें नौकरी के नाम पर ठगा गया था। इन सभी को अब सुरक्षित उनके घर भेजा जा रहा है।

कंपनी सील, मास्टरमाइंड फरार

घाटशिला के लालडीह, दहिगोड़ा में स्थित मेसर्स रिया एंटरप्राइजेज को पुलिस ने सील कर दिया और सभी दस्तावेज व सामग्री जब्त कर ली। रैकेट के मुख्य सरगना राजू यादव, सुनील यादव, राहुल रंजन, अनिल और रवि चौहान फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। चार आरोपियों रोमंत कुमार (28), मोहन कुमार राणा, शिवम कुमार सिंह और कुलदीप सिंह (34) को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह रैकेट बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठा रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में है और युवाओं से ऐसी ठगी से सतर्क रहने की अपील की है।