
FIR lodged Against Smriti Irani, Amit Malviya Priti Gandhi in Ranchi
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय और बीजेपी कार्यकर्ता प्रीति गांधी पर झारखंड की राजधानी रांची में एक केस दर्ज किया गया है। झारखंड के कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद की शिकायत पर इन तीनों पर रांची के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इन तीनों नेताओं पर आरोप है कि इन्होंने जानबूझकर कांग्रेस की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रक्ता डॉ. अजय कुमार के बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया।
कांग्रेस झारखंड प्रदेश के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने मामले की शिकायत रांची के कोतवाली थाने में की है। अपने शिकायती आवेदन में उन्होंने लिखा कि स्मृति ईरानी, अमित मालवीय और प्रीति गांधी ने सोची समझी साजिश के तहत अपने सोशल नेटवर्किंग हैंडल पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार के बयान को गलत तरीके से पेश किया। जिससे कांग्रेस की छवि खराब हुई। राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि इन तीनों ने जानबूझ कर कांग्रेस की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए यह काम किया।
कांग्रेसी प्रवक्ता के बयान को तोड़-मरोड़ कर किया पेश-
बताते चले कि कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार ने बीते दिनों राष्ट्रपति चुनाव की एनडीए प्रत्याशी द्रौपदी मूर्मु को लेकर समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत की थी। इसी बातचीत के एक अंश को तोड़ मरोड़कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का आरोप बीजेपी के इन तीनों नेताओं पर लगाया गया है। शिकायतकर्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि ऐसा डॉ अजय कुमार और कांग्रेस पार्टी की छवि को धूमिल करने के लिए किया गया।
आईपीसी की इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ है केस-
स्मृति ईरानी ने बीते दिनों कांग्रेसी प्रवक्ता के बयान को पोस्ट करते हुए उसे आदिवासी नेता का अपमान बताया था। अब कांग्रेस की शिकायत पर उनके साथ-साथ बीजेपी के दो अन्य नेताओं पर केस दर्ज किया गया है। रांची पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार स्मृति ईरानी, अमित मालवीय और प्रीति गांधी पर आईपीसी की धारा 153-अ 415, 469,499,500 & 505(2) के तहत एफआईआर दर्ज कराया गया है।
साजिशन एडिट कर द्रौपदी र्मूमु के अपमान की बात फैलाई-
कांग्रेस नेता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि डॉ. अजय कुमार ने अपने बयान के शुरुआत में ही राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवार की प्रशंसा की थी। लेकिन उसे एडिट कर साजिशन द्रौपदी मूर्मु के अपमान वाली बात फैलाई गई। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के बीच भाजपा के राजनीतिक विद्वेष और आरएसएस की विभाजनकारी विचारधारा के चलते किसी प्रकार की भ्रांति ना फैले, इसलिए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
Published on:
18 Jul 2022 04:57 pm
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