27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘वोट दें बिहारी और नौकरी बाहरी को’, सीएम नीतीश के पूर्व साथी ने उठाया सवाल

बिहार में चल रही शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों सफल हुए हैं। अब इसके लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और नीतीश कुमार के पूर्व साथी जीतन राम मांझी ने प्रदेश में डोमिसाइस नीति लागू करने की मांग की है।

2 min read
Google source verification
jitan_ram_manjhi.jpg

बीपीएससी शिक्षक बहाली पर बिहार में बवाल घमासान जारी है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान लगातार गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। अब बिहार के पूर्व सीएम और कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया है कि लैंड फॉर मनी की तरह इसमें मनी फॉर जॉब जैसा घोटाला हुआ है। उनके बयान के बाद बिहार बीजेपी ने भी मोर्चा खोल लिया है और इसे रिजल्ट घोटाला कह रही है। लेकिन सबसे ज्यादा निशाना इस रिजल्ट के बाद डोमिसाइल नीति पर उठाया जा रहा है जिसको लेकर बिहार के अभ्यर्थियों की हकमारी की बात कही जा रही है। अगली बहाली में बिहार में डोमिसाइल नीति लागू हो इस बात की मांग यहां तेज हो गयी है।

जीतन मांझी ने क्या कहा

बिहार के सीएम ने लिखा, "सूबे के BPSC शिक्षक नियुक्ति घोटाले में “जॉब फ़ॉर मनी” स्कैंडल को लेकर यदि ED की इंट्री होगी तो घमंडिया गठबंधन के लोग कहेंगें चुनाव है, तो छापेमारी हो रही है। नियुक्ति घोटाला हो या ट्रांसफर-पोस्टिंग घोटाला ED की इंट्री होनी चाहिए। “मोदी सरकार में कोई भ्रष्टाचारी नहीं बचने वाला” वोट दें बिहारी और नौकरी पाएं बाहरी, यह नहीं चलेगा। सूबे में डोमिसाइल नीति लागू हो।

बता दें कि बिहार को 2 नवंबर को 1.20 लाख नए शिक्षक मिलेंगे। ये सभी शिक्षक बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से बहाल किए गए हैं। इनमें से 12 फीसदी शिक्षक बिहार से बाहर के हैं। इसका मतलब है कि लगभग 14 हजार अभ्यर्थी दूसरे राज्यों के हैं। बताया जाता है कि ये सभी प्राथमिक शिक्षक के तौर पर अनारक्षित वर्ग में चयनित हुए हैं।

कहा जा रहा कि इनमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के हैं। इसके अलावा झारखंड, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के भी अभ्यर्थी नियुक्त हुए हैं। अनारक्षित वर्ग में राज्य के बाहर के अभ्यर्थियों को भी शिक्षक नियुक्ति में आवेदन देने की छूट दी गई थी। प्राथमिक शिक्षक के रूप में कुल 72 हजार चयनित हुए हैं, इनमें 14 हजार दूसरे राज्यों के हैं।