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लद्दाख में GEN-Z हिंसा के पीछे ‘बड़ी साजिश’, जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP ने बताई अंदर की बात!

जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये हिंसा सिर्फ़ हताशा नहीं, बल्कि राजनीतिक साज़िश का नतीजा है। उन्होंने सोनम वांगचुक के बयानों और हिंसा के तरीके पर सवाल उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पूर्व DGP ने आरोप लगाया कि युवाओं का शोषण कर उन्हें गुमराह किया जा रहा है। चार लोगों की मौत और व्यापक संपत्ति के नुकसान के लिए दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए।
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लेह

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Mukul Kumar

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Updated: 25 Sep 2025, 10:01 AM IST

लद्दाख हिंसा पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद। (फोटो- ANI)

लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं। वहीं, बुधवार को लेह में जेनरेशन जेड ने भी इस मुद्दे को लेकर जमकर बवाल काटा।

अब बताया जा रहा है कि लद्दाख में भड़की हिंसा के पीछे बड़ी साजिश रची गई है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद ने इसको लेकर बड़ा खुलासा किया है।

पूर्व डीजीपी ने जताई गंभीर चिंता

पूर्व डीजीपी ने लेह में भड़की हिंसा पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह हिंसा केवल हताशा से नहीं, बल्कि 'राजनीतिक मकसद' से भड़काई गई है। इसके साथ, उन्होंने चार लोगों की मौत के लिए जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।

एएनआई से बात करते हुए वैद ने हिंसक घटना के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और लद्दाख के नेतृत्व के बीच 6 अक्टूबर को बातचीत होनी थी। इसके साथ, सरकार 25 या 26 सितंबर को भी बातचीत करने वाली थी, लेकिन इसके बावजूद आज स्थिति हिंसक हो गई।

उन्होंने कहा कि हमें देखना चाहिए कि इससे किसे फायदा हुआ, असली वजह कौन है? चार लोगों की जान चली गई। दर्जनों लोग घायल हुए, संपत्ति और वाहन जला दिए गए। जिम्मेदारी तय करना बहुत जरूरी है।

पूर्व डीजीपी ने बड़ी साजिश की ओर किया इशारा

वैद ने जोर देकर कहा कि 25 तारीख को जब भारत सरकार से बात होनी थी तो 24 तारीख को हिंसा क्यों हुई? ऐसा लगता है कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है।

वहीं, एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हुए, वैद ने सोनम वांगचुक की पिछली टिप्पणियों का हवाला दिया। जिसमें उन्होंने लद्दाख के संघर्ष की तुलना नेपाल के जेनरेशन जेड विरोध प्रदर्शन से की थी।

उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की अरब स्प्रिंग वाली बात पर गौर कीजिए। वह जेनरेशन जेड द्वारा नेपाल सरकार को उखाड़ फेंकने की सराहना करते हैं। यह एक गहरी साजिश लगती है। इसपर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन पर जन सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया जाना चाहिए।

हिंसा सुनियोजित थी- पूर्व डीजीपी

पूर्व डीजीपी ने भाजपा कार्यालय और सुरक्षा बलों पर लक्षित हमलों का हवाला देते हुए यह भी आरोप लगाया कि हिंसा सुनियोजित थी।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से भाजपा कार्यालय को आग लगाई गई, उसे निशाना बनाया गया। स्थानीय हिल काउंसिल को आग के हवाले कर दिया गया। सीआरपीएफ की गाड़ियों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। यह एक सुनियोजित साजिश लगती है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस ने पथराव का समर्थन किया और जिस तरह से वे बंद का आह्वान कर रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि वे इसमें कोई सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। वे इस तरह की स्थिति का फायदा उठाना चाहते हैं। इसलिए, इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

हिंसा की निंदा करते हुए, वैद ने जोर देकर कहा कि लद्दाख के युवाओं को राजनीतिक ताकतों ने गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि लद्दाख के युवाओं को अभी लगता है कि वे किसी नेक काम के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन उनका शोषण किया जा रहा है।