1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तेलंगाना फोन टैपिंग विवाद में पूर्व इंटेल ब्यूरो चीफ को बनाया गया आरोपी नंबर 1, 1 लाख फोन कॉल की हुई थी टैपिंग, पूरा मामला जानें

Lok sabha elections 2024: तेलंगाना में कांग्रेस के चुनाव जीतने से पहले एक लाख फोन कॉल टैप किए गए थे। यह सभी कॉल अवैध रूप से टैप किए गए थे। तेलंगाना के खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख टी प्रभाकर राव को आरोपी नंबर 1 बना दिया है।

2 min read
Google source verification
_former_sib_chief_prabhakar_rao_top_accused_in_telangana_1_lakh_phone_call_tapping_case_.png

Lok Sabha Elections 2024 लोकसभा चुनाव 2024 से पहले तेलंगाना के फोन टैपिंग मामले में खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख टी प्रभाकर राव को आरोपी नंबर-एक बनाया गया है। के चन्द्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान राव के आदेश पर विपक्षी नेताओं का फोन टैप किया गया था। इन सभी का अवैध रूप से टैप करके इलेक्ट्रॉनिक डेटा इकट्ठा किया गया था। तेलंगाना पुलिस से मिल रही जानकारी के मुताबिक राव अभी अमरीका में हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। हैदराबाद में राव के घर समेत करीब एक दर्जन अन्य जगहों की तलाशी ली गई है। इसमें तेलुगु न्यूज चैनल चलाने वाले श्रवण राव का आवास भी शामिल है।

तेलंगाना पुलिस ने अपनी जांच में पाया है कि राव ने एक स्थानीय स्कूल के परिसर में इजरायल से मंगाए गए फोन-टैपिंग उपकरण और सर्वर लगाकर फोन टैप किए थे। इस कार्य में सिटी टास्क फोर्स में कार्यरत रहे एक अन्य पुलिसकर्मी राधा किशन राव को भी शामिल थे। इसके अलावा 30 से अधिक लोग इसमें शमिल हैं। एडिशनल एसपी भुजंगा राव और थिरुपथन्ना, डिप्टी एसपी प्रणीत राव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।भुजंगा राव और तिरुपथन्ना ने अवैध रूप से निजी व्यक्तियों की जासूसी करने और सबूत नष्ट करने की बात कबूल की है।

विधानसभा चुनाव 2023 के परिणाम का रूझान आते ही प्रभाकर राव ने सारे टैप को नष्ट करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रणीत राव ने इस नष्ट कर दिया था। इससे पहले प्रणीत राव अज्ञात व्यक्तियों की प्रोफाइल बनाने और अनधिकृत तरीके से उनकी गतिविधियों की निगरानी करने के साथ कुछ कंप्यूटर सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर इकट्ठा डेटा को नष्ट करने का आरोप लगाया गया था।

बीआरएस सरकार सभी की निगरानी करा रही थी। इस जासूसी टैपिंग में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बीआरएस के लोग भी शामिल हैं। इसके साथ ही तेलुगु एक्टर्स और बिजनेसमैन की भी जासूसी की गई थी और उनमें से कईयों को ब्लैकमेल भी किया गया था। एक लाख से अधिक फोन कॉल टैप किए गए थे।

तेलंगाना के राज्य खुफिया ब्यूरो को वामपंथी उग्रवाद पर नजर रखने की जिम्मेदारी है लेकिन एक शीर्ष नेता के इशाने पर यह टीम राजनीतिक खुफिया जानकारी और विपक्षी पार्टी के नेताओं द्वारा किए गए लेनदेन का विवरण इकट्ठा कर रही थी। इसमें एक बड़े नाम का खुलासा होने की संभावना है।

Story Loader