
'फर्जी एनकाउंटर' मामले में गुजरता पुलिस के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज़ (Photo ANI)
गुजरात के सुरेन्द्रनगर जिले में चार साल पहले हुए एक कथित 'फर्जी एनकाउंटर' में पिता और नाबालिग भाई की मौत के मामले में, एक 17 वर्षीय बच्ची की तीन साल लंबी कानूनी लड़ाई रंग लाई है। अब इस मामले में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिसमें एक उप-निरीक्षक भी शामिल है।
मृतक हनीफखान जातमालिक की सास हनीफाबेन जातमालिक और उनकी बेटी सुहाना ने गुरुवार को बाजणा पुलिस स्टेशन में सातों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। यह वही पुलिस स्टेशन है जहां 2021 की घटना के वक्त आरोपी तैनात थे।
FIR में पुलिस सब-इंस्पेक्टर वीरेंद्रसिंह जाडेजा, हेड कांस्टेबल राजेशभाई मिथापारा, किरीट सोलंकी, कांस्टेबल शैलेशभाई कठेवड़िया, दिग्विजयसिंह ज़ाला, प्रहलादभाई चारमता और मनुभाई फतेपरा शामिल हैं। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और 114 (अपराध के समय सहयोगी की उपस्थिति) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सुहाना ने कहा, "लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हमें अब संतोष है कि फर्जी एनकाउंटर में मेरे पिता और भाई की हत्या करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मुझे न्याय तभी मिलेगा जब इन पुलिसकर्मियों को कड़ी सजा मिले, ताकि कोई और पुलिस वाला भविष्य में ऐसा करने की हिम्मत न करे।"
सुहाना ने 2022 में गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सुनिता अग्रवाल और न्यायमूर्ति प्रणव त्रिवेदी की खंडपीठ ने 26 जुलाई 2024 को आदेश दिया था कि याचिकाकर्ता को क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 156(3) के तहत संबंधित मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करने की पूरी स्वतंत्रता है। साथ ही कोर्ट ने कहा था कि संबंधित मजिस्ट्रेट को आवश्यक जांच कर सख्त कार्रवाई करनी होगी।
इस साल 17 अप्रैल को सुहाना ने सुरेन्द्रनगर के धरगधरा पटदी JMFC (जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास) के समक्ष आवेदन दिया। न्यायाधीश आर. आर. ज़िंबा ने बाजणा पुलिस को सातों पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही जांच उप पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में कराने और रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने को कहा गया।
हनीफाबेन के अनुसार,"6 नवंबर 2021 को बाजणा पुलिस के सब-इंस्पेक्टर जाडेजा और छह अन्य पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में हमारे घर गेडिया गांव आए। उन्होंने हनीफखान को जबरदस्ती कार में बैठाया। इस पर मेरे 14 वर्षीय पोते मदीन ने अपने पिता को बचाने की कोशिश की, लेकिन सब-इंस्पेक्टर जाडेजा ने अपनी जेब से रिवॉल्वर निकाली और मदीन को नजदीक से सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब हनीफखान पुलिस से लड़े, तो उन्हें भी गोली मार दी गई।"
Published on:
31 May 2025 09:57 am
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