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JEE, NEET, CUT की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए फ्री क्लास, सरकार ने जारी किया आदेश

Free Caching For JEE, NEET: इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना हर बच्चा का सपना होता है। अभिभावक भी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज के इंट्रेस के लिए अपने बच्चों को कोटा, दिल्ली सहित अन्य शहरों में भेजकर लाखों का खर्च करते हैं। लेकिन अब सरकार ने 11वीं-12वीं के बच्चों को फ्री में नीट, जेईई के इंट्रेस के लिए पढ़ाने का फैसला लिया है।

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Free class for students preparing for JEE, NEET, CUT, government issued order

Free Caching For JEE, NEET: 10वीं की परीक्षा पास करने के बाद स्टूडेंट अपने करियर और फ्यूचर को लेकर टेंशन में रहता है। 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के दौरान देश के लाखों बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने की तैयारी करते हैं। इसके लिए देश के सभी शहरों में कई बड़े प्राइवेट कोचिंग हैं, जहां लाखों खर्च के बाद बच्चों को जेईई, नीट के लिए पढ़ाया जाता है। अब सरकार ने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई करने वाले बच्चों को फ्री में जेईई और नीट की तैयारी कराने का फैसला लिया है। इससे देश के लाखों बच्चों का लाभ होगा।

सरकार ने यह फैसला लिया है कि वह 11वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों को जेजेई व नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद करेंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अलग अलग विषयों के अलग-अलग विशेषज्ञ शिक्षक रखे जाएंगे। यह सब वर्चुअल स्कूल के माध्यम से किया जाएगा। यह सारी शिक्षा निशुल्क होगी और छात्रों से इसके लिए कोई फीस नहीं वसूली जाएगी।


वर्चुअल स्कूल के जरिए छात्रों को स्किल आधारित तैयारी भी करवाई जाएगी, ताकि बच्चे पार्ट टाइम प्रोफेशन कोर्स भी कर सकें। खासतौर पर 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को जेई, नीट व सीयूईटी (यूजी) समेत ऐसे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद दी जाएगी। यह पहल दिल्ली सरकार ने की है। इस नई पहल पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम स्कूल में बच्चों को न केवल पढ़ाएंगे, बल्कि हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए विशेषज्ञों को लेकर आएंगे, ताकि बच्चों को उसके लिए तैयार किया जा सके।


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि अलग-अलग विषयों की अलग-अलग तैयारी करवाई जाएगी। स्किल आधारित तैयारियां भी कराई जाएगी। ताकि जो बच्चे इसके साथ-साथ कुछ प्रोफेशन भी करना चाहें, तो वो पार्ट टाइम प्रोफेशन भी कर सकते हैं। इसमें एक स्कूलिंग प्लेटफार्म होगा और हर बच्चे को एक आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। वह बच्चा उस आईडी और पासवर्ड से स्कूलिंग प्लेटफार्म पर लॉगिन करेगा। लॉगिन करने के बाद वह लाइव क्लासेज अटेंड कर सकता है। सप्लीमेंट्री लनिर्ंग मटेरियल ले सकता है। ट्यूटोरियल्स कर सकता है। बच्चों का ऑनलाइन एसेसमेंट किया जाएगा।

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इसमें एक बहुत बड़ी डिजिटल लाइब्रेरी होगी। बच्चा उस डिजिटल लाइब्रेरी का सारा कंटेंट एक्सेस कर सकता है। कोई भी छात्र 24 घंटे में किसी भी समय लाइब्रेरी को एक्सेस कर सकता है। स्कूलिंग प्लेटफार्म को विश्व प्रसिद्ध संस्था गूगल और स्कूल नेट इंडिया ने बनाया है। इन वर्चुअल क्लास में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को विशेष तौर पर तैयार किया गया है।


सीएम ने कहा कि मैं समझता हूं कि शिक्षा के क्षेत्र में यह एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी कदम साबित होगा। आजादी के बाद शायद पहली बार इतने बड़े स्तर पर यह पहल की गई है। आप कल्पना करके देखिए कि एक टीचर पढ़ा रहा है। उसको कई हजार स्टूडेंट एक साथ देख रहे हैं। एक साथ देश के कोने कोने से कई सारे छात्र एक बहुत अच्छे टीचर को एक्सेस कर सकते हैं। सीएम ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले समय में हमारे देश के हर बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलेगी।