
देश में 18वीं लोकसभा के लिए हो रहा आम चुनाव अब अपने आखिरी चरण में पहुंच गया है। 19 अप्रैल से शुरु हुआ चुनाव 7 चरणों में 1 जून को पूरा होने जा रहा है। इस चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ने जहां अपने भाषणों में विकास और धर्म के मुद्दे को आगे रखा तो वहीं विपक्ष ने इस चुनाव को संविधान को और देश को तानाशाही से बचाने का आखिरी मौका बताया। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी ने एक दूसरे पर जमकर निशाना साधा।
वहीं, देश के कई टॉप नेताओं ने सार्वजनिक रैलियों के दौरान विवादास्पद टिप्पणियां कर माहौल गर्म कर दिया। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग से इसकी खूब शिकायत दर्ज कराई। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इस तरह के बयानों का सिलसिला अभी भी जारी है। वहीं, हम आपको यहां पर इस चुनाव के 5 सबसे ज्यादा विवादास्पद बयानों के बारे में बताएंगे जो न सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बना।
1 मंगलसूत्र से मुजरा तक
लोकसभा चुनाव की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष खासकर कांग्रेस को जमकर निशाने पर रखा। उन्होंने अपनी पहली ही रैली में कांग्रेस के घोषणा पत्र पर सवाल उठाते हुए उसे देश को बांटने वाला बताया। अप्रैल के महीने में राजस्थान की एक जनसभा में उन्होंने दावा किया था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वह हिंदू महिलाओं से उनका मंगलसूत्र छीनकर मुसलमानों में बांट देगी। वहीं, उन्होंने हाल में ही बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “बिहार वह भूमि है जिसने सामाजिक न्याय की लड़ाई को एक नई दिशा दी है। मैं इस प्रदेश की भूमि पर यह घोषणा करना चाहता हूं कि मैं एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकारों को लूटने और उन्हें मुसलमानों को देने की इंडिया गठबंधन की योजनाओं को विफल कर दूंगा। वे गुलाम बने रह सकते हैं और अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए मुजरा कर सकते हैं।”
2. संविधान बदलने के लिए 400 सीटें मांग रही बीजेपी
इस चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जहां कांग्रेस पर जहां तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया तो बदले में कांग्रेस ने बीजेपी पर धर्म की राजनीति और संविधान को बदलने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ की एक जनसभा में बीजेपी के अबकी बार 400 पार के नारे पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी और प्रधानंत्री मोदी देश के संविधान को बदलना चाहते हैं। वो देश के पिछड़ों, दलितों,आदिवासियों और अल्पसंख्यकों का अधिकार छीनना चाहते हैं। इसके लिए वह इस बार के लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए 400 सीटें मांग रहे हैं।
3.कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी
इंडिया ओवरसीज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने चुनाव के दौरान एक इंटरव्यू में संपत्ति के बंटवारे को लेकर एक विवादति बयान दे दिया था। कांग्रेस नेता ने कहा था, 'अमेरिका में विरासत कर लगता है। अगर किसी के पास 10 करोड डॉलर की संपत्ति है और जब वह मर जाता है तो वह केवल 45 फीसदी अपने बच्चों को ट्रांसफर कर सकता है।' उन्होंने कहा कि यह वाकई एक दिलचस्प कानून है। इस बयान पर पलटवार करते हुए पीएम मोदी कहा था कि आप जो अपनी मेहनत से संपत्ति जुटाते हैं, वो आपके बच्चों को नहीं मिलेगी। कांग्रेस का पंजा वो भी आपसे लूट लेगा। कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में मुस्लिम लीग की छाप दिखाई दे रही है। कांग्रेस की नजर आपके मकान, दुकान और खेत पर है जो आपकी संपत्ति पर नजर जमाए हुए है और लूटना चाहते हैं।
4.भगवान जगन्नाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भक्त
ऐसा नहीं है कि इस पूरे चुनाव में भाजपा फ्रंटफुट पर ही रही। कई ऐसे मौके आए जब पार्टी को अपने पार्टी के नेताओं के बयानों की वजह से बैकफुट पर भी आना पड़ा। ऐसा ही एक मामला भगवान जगन्नाथ पर जुबान फिसलने को लेकर आया। जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पुरी लोकसभा सीट से प्रत्याशी संबित पात्रा विवादों में घिर गए थे। पात्रा ने टेलीविजन चैनलों से बातचीत में कहा था कि राज्य के प्रतिष्ठित देवता भगवान जगन्नाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भक्त हैं। पात्रा ने बाद में स्पष्ट किया था कि यह सिर्फ जुबान फिसलने के कारण हुआ और वह यह कहना चाहते थे कि प्रधानमंत्री भगवान जगन्नाथ के परम भक्त हैं। पात्रा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘इस गलती के लिए मैं भगवान जगन्नाथ के चरणों में सिर झुकाकर क्षमा मांगता हूं। मैं इस गलती का प्रायश्चित करने के लिए अगले तीन दिन उपवास करूंगा।’ पात्रा की टिप्पणी पर विवाद तब बढ़ गया जब ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटायक ने उनके बयान की कड़ी निंदा की और भाजपा से भगवान जगन्नाथ को राजनीति में न घसीटने की अपील की। पटनायक ने एक्स पर एक पोस्ट में ओडिया अस्मिता को ठेस पहुंचाने के लिए पात्रा की आलोचना की।
5. वो 15 मिनट मांगते है हम 15 सेकेंड
वहीं, इस पूरे चुनाव में एक वक्त ऐसा भी आया जब महाराष्ट्र की अमरावती लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी नवनीत राणा ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन तीखा हमला बोला था। राणा ने कहा, ‘छोटा (अकबरुद्दीन) बोलता है कि पुलिस को 15 मिनट के लिए हटाओ तो दिखाएंगे कि हम क्या कर सकते हैं। मेरा कहना है तुम 15 मिनट लगाओगे पर हमको 15 सेकंड लगेंगे। अगर 15 सेकंड पुलिस को हटाया तो छोटे और बड़े को यह पता नहीं लगेगा कहां से आए और कहां गए।’
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Updated on:
27 May 2024 05:01 pm
Published on:
26 May 2024 09:17 pm
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