GST, Gangajal and CBIC : गंगाजल पर टैक्स को लेकर ऐसा बवाल हो गया है कि केंद्र सरकार के कर विभाग को सफाई देनी पड़ी है।
GST , Gangajal and CBIC : गंगाजल पर टैक्स को लेकर ऐसा बवाल हो गया है कि केंद्र सरकार के कर विभाग को सफाई देनी पड़ी है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक ट्वीट कर कहा कि केंद्र सरकार ने गंगाजल पर भी 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया है। इसके बाद फिर बवाल मच गया। यह मामला इतना उछल गया कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने बताया है कि गंगाजल का इस्तेमाल देश ही नहीं पूरी दुनिया में पूजा के लिए होता है। इसका इस्तेमाल भारत में ही नहीं हर देश में किया जाता है। ऐसे में इसे कर की श्रेणी से बाहर रखा गया है। इसे पूजन की सामग्री माना गया है। जीएसटी काउंसिल ने 18-19 मई 2017 और 3 जून, 2017 को बैठक में शुरुआत से इन्हें छूट श्रेणी में रखा गया था।
पैकेज्ड बोतल पर लगता है 18 फीसदी टैक्स
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने पैकेज्ड पानी है तो वो जीएसटी के दायरे में रखा है। बोर्ड ने बताया है कि कोई भी कमोडिटी यानी खरीद-बिक्री की जा सकने वाला उत्पाद या सेवा टैक्सेशन के तहत आती है। गंगाजल भी बोतलों में बिकता है। ऐसे में ये भी एक पैकेज्ड प्रॉडक्ट हुआ लेकिन यह कर श्रेणी से बाहर है।