
दिवाली से पहले गुवाहाटी विश्वविद्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। इस फैसला के तहत छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टियां लेने की अनुमति और परीक्षा में शामिल होने के लिए उनकी उपस्थिति में भी छूट दिया जाएगा। इस प्रकार की मांग काफी दिनों से उठ रही है। गुवाहाटी विश्वविद्यालय ने महिलाओं के स्वास्थ्य में मासिक धर्म स्वास्थ्य के महत्व को पहचानते हुए, छात्राओं के लिए न्यूनतम कक्षा उपस्थिति की आवश्यकता में 2 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी है। युनिवर्सिटी प्रशासन ने यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया है। यह केंद्रीय महिला एवं बाल विकास और शिक्षा मंत्रालय द्वारा इस वर्ष की शुरुआत में जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप है।
73 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखनी होगी
नई नीति छात्राओं को मासिक धर्म अवकाश का प्रावधान देती है, जो न्यूनतम कक्षा उपस्थिति की आवश्यकता में 2 प्रतिशत की छूट देती है ताकि वे सेमेस्टर के अंत होने पर एग्जाम दे सकें। ऑफिसियल नोटिफिकेशन में कहा गया है कि परीक्षा के एलिजिबल होने के लिए छात्राओं को न्यूनतम 73 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखनी होगी।
गुवाहाटी विश्वविद्यालय के इस निर्णय पर विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम स्वास्थ्य के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो गतिशीलता, रोजगार, शिक्षा पहुंच, गरिमा और स्वतंत्रता सहित जीवन के कई पहलुओं को सकरात्मक रूप से प्रभावित करता है। बता दें कि गुवाहाटी विश्वविद्यालय की स्थापना 1948 में हुई थी और यह अपने कार्यक्रमों और अकादमिक विशिष्टता के लिए प्रसिद्ध है। पूर्वोत्तर भारत में इस विश्वविद्यालय की अलग पहचान है।
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Updated on:
12 Nov 2023 12:54 pm
Published on:
11 Nov 2023 06:15 pm
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