
घर खरीदने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। अब किसी रियल एस्टेट परियोजना में घर लेने वाले लोगों को उस प्रोजेक्ट को बनाने वाली कंपनी के दिवालिया होने पर बेघर नहीं होना पड़ेगा। भारतीय ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया बोर्ड (आइबीबीआइ) ने परिसमापन नियमों याना दिवाला नियमों में संशोधन कर दिया है। इससे अब रियल एस्टेट परियोजना में जमीन या मकान खरीदने वाले को संपत्ति पर कब्जा दे दिया जाता है तो उस संपत्ति को परिसमापन प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। इसका मतलब है कि उस संपत्ति से कंपनी के लेनदारों (क्रेडिटर्स) का कोई लेना-देना नहीं होगा। आइबीबीआइ ने रेरा की भूमिका बढ़ाने की भी वकालत की है। बोर्ड ने समाधान प्रक्रिया में जाने वाली सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं का पंजीकरण रेरा के पास अनिवार्य रूप से कराने का प्रस्ताव रखा है।
चुटकियों में बिक रहे 4 करोड़ के मकान
अमीर लोग (एचएनआइ) अब लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। यही वजह है कि वर्ष 2023 मेें देश के सात प्रमुख शहरों में 4 करोड़ रुपए या इससे अधिक कीमत के मकानों की बिक्री में 75त्न की भारी वृद्धि देखी गई। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी सीबीआरई की ओर से बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष 2023 में 12,935 लग्जरी मकानों की बिक्री हुई, जबकि वर्ष 2022 में यह संख्या 7,395 इकाई थी। सीबीआरई के मुताबिक, 2023 में कुल 3.22 लाख मकानों की बिक्री हुई, जो 2022 से 9त्न अधिक है।
कहां कितने मकान बिके
रिपोर्ट के मुताबिक, सात प्रमुख शहरों में से दिल्ली-एनसीआर में सबसे अधिक तेजी रही और यहां लक्जरी घरों की बिक्री में लगभग तीन गुना उछाल आया। दिल्ली-एनसीआर में 04 करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले 5,530 मकानों की बिक्री हुई,जबकि 2022 में यह संख्या 1,860 इकाई थी। वहीं मुंबई में यह आंकड़ा 3,390 हाउसिंग यूनिट से बढक़र 4,190 हो गया। हैदराबाद में लग्जरी घरों की बिक्री 2022 के 1,240 यूनिट से बढक़र 2,030 इकाई हो गई। पुणे में 450, बेंगलूरु में 265, कोलकाता में 310 और चेन्नई में 160 लग्जरी मकानों की बिक्री हुई।
Published on:
15 Feb 2024 08:10 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
