
रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम ने मंगलवार को कहा कि वह भारत में छह और परमाणु ऊर्जा इकाइयों के निर्माण की संभावना पर चर्चा कर रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉस्को की दो दिवसीय यात्रा पर थे, इस दौरान मंगलवार को क्रेमलिन में सस्ती ऊर्जा आपूर्ति और गहरे आर्थिक और रणनीतिक संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
पीएम मोदी ने दो दिवसीय रूस यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा, जलवायु और अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में 9 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। रूसी सरकार के स्वामित्व वाले रोसाटॉम ने 6 नए न्यूक्लियर पावर प्लांट्स बनाने भारत की मदद करने की पेशकश की। कम कार्बन ऊर्जा स्रोत के रूप में परमाणु ऊर्जा के लिए बढ़ते समर्थन ने 2020 के अंत से यूरेनियम की कीमतों में तीन गुना से अधिक की वृद्धि देखी है, और 2029 तक बाजार तंग रह सकता है क्योंकि उपयोगिताएं अपने भंडार को फिर से भर रही हैं। नागरिक परमाणु क्षेत्र में सहयोग यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध व्यवस्था के अंतर्गत नहीं आता है।
भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने पहले कहा था, "कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई 1 और 2 पहले ही चालू हो चुकी हैं, और इकाई 3 और 6 पर काम चल रहा है।" उन्होंने कहा कि मॉस्को "भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बना हुआ है।" रोसाटॉम ने इससे पहले 2022 और 2023 में कुडनकुलम को परमाणु ईंधन की आपूर्ति की थी।
नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र कथित तौर पर बीएचईएल और पावर मेक द्वारा बनाए जाएंगे। इससे पहले मई 2024 में, पावर मेक प्रोजेक्ट्स ने घोषणा की थी कि उसे परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण के लिए सरकारी स्वामित्व वाली बीएचईएल से 563 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है।
Published on:
10 Jul 2024 11:10 am
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