
PM e-drive Scheme: मोदी सरकार ने विद्युतचलित वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (PM e-drive ) योजना लांच की है। यह योजना अब मार्च में खत्म हो चुकी फास्टर एडॉपशन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FEME) का स्थान लेगी। PM e-drive Scheme के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम किया जाए। PM e-drive Scheme के तहत 24.79 लाख इलेक्ट्रिक दुपहिया, 3.16 लाख इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और 14,028 इलेक्ट्रिक बसों को मोदी सरकार आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही 88 हजार 500 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए PM नरेंद्र मोदी ने 10,900 करोड़ रुपए की मंजूरी दो साल के लिए दी है।
PM नरेंद्र मोदी ने PM e-drive Scheme के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर, इलेक्ट्रिक ट्रक, इलेक्ट्रिक बस और इलेक्ट्रिक एम्बुलेंस के खरीद पर सब्सिडी देने का निर्णया लिया है। इस योजना में इलेक्ट्रिक कारों को शामिल नहीं किया गया है। इसके पीछे माना जा रहा है कि कारों की कीमत संतुलित है। इसके लाभ को देखते हुए लोग खुद ही आकर्षित हैं।
PM e-drive Scheme के तहत सरकार ने इलेक्ट्रिक दुपहिया, थ्री-व्हीलर, इलेक्ट्रिक एम्बुलेंस, इलेक्ट्रिक ट्रक सहित अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 3,679 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी गई है। PM e-drive Scheme में राज्य परिवहन इकाइयों और अन्य सार्वजनिक परिवहन संस्थान 14,028 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का प्रावधान भी है, जिसके लिए 4,391 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
मोदी सरकार ने कहा है कि 40 लाख से ज्यादा आबादी वाले 9 शहरों - दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, सूरत, बैंगलोर, पुणे और हैदराबाद में इलेक्ट्रिक बसों की मांग का सत्यापन केंद्रीय इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट (CESL) द्वारा किया जाएगा। इसके बाद राज्यों के साथ केंद्र सरकार परामर्श करेगी। इसके बाद अंतर्राज्यीय और अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बसों को भी सहायता प्रदान की जाएगी।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की विक्रय प्रक्रिया अभी धीमी है। पिछले वित्तीय वर्ष इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में दुपहिया वाहनों की बिक्री 56% थी जबकि थ्री-व्हीलर का हिस्सा 38% था। इलेक्ट्रिक वाहनों की धीमी बिक्री के पीछे चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी एक बहुत ही बड़ा कारण है। वाहन मालिकों के घर में यह सवाल मन में रखते हैं कि लंबी दूरी की यात्रा के उनकी गाड़ी बंद न हो जाए और उन्हें चार्जिंग का स्टेशन न मिले।
PM e-drive Scheme के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी के साथ ही चार्जिंग के लिए स्टेशन बनाने पर भी केंद्र सरकार भारी खर्च किया जाएगा। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों के लिए 22,100 फास्ट चार्जर लगाए जाएंगें। इसके लिए 2,000 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक बसों के लिए 1,800 फास्ट चार्जर और इलेक्ट्रिक दोपहिया और थ्री-व्हीलर के लिए 48,400 फास्ट चार्जर लगाने का प्रस्ताव है।
Updated on:
18 Sept 2024 02:43 pm
Published on:
16 Sept 2024 01:07 pm
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