
gov approved indian air force procurement proposal 2,236 crore
नई दिल्ली। भारत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। जिससे भारतीय वायुसेना को और मजबूती मिलेगी। दरअसल, केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना की ताकत बढ़ाने के लिए 2,236 करोड़ रुपए के रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। आज रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में वायुसेना के आधुनिकीकरण और संचालन संबंधी जरूरतों के लिए 2236 करोड़ रुपए के प्रस्तावों के लिए स्वीकृति की आवश्यकता (एओएन) को मंजूरी दी गई।
मेक इन इंडिया के तहत दी गई मंजूरी
बताया गया कि इस सौदे को 'मेक इन इंडिया' नीति के तहत मंजूरी दी गई है। रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वायुसेना ने GSAT-7C सैटेलाइट और रियल टाइम कनेक्टिविटी के लिए ग्राउंड हब्स सॉफ्टवेयर रेडियो को लेकर ये प्रस्ताव दिया था। हमने वायुसेना के इस प्रस्ताव पर चर्चा की, इसके बाद यह फैसला लिया गया है। मंत्रालय ने बताया कि इसमें देश में सेटेलाइट लॉन्च के पूर्ण डिजाइन और विकास पर काम किया जाएगा।
बता दें कि भारत सरकार सेनाओं को मजबूती देने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में वायुसेना को अब तक 30 राफेल लड़ाकू विमान मिल चुके हैं। वहीं 3 और एयरक्राफ्ट 7-8 दिसंबर को भारत पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही भारत में राफेल विमानों की संख्या 33 हो जाएगी। भारत ने फ्रांस संग 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा किया है, जिसमें से बचे हुए विमान भारत को अगले साल दिए जाएंगे।
इसके साथ ही कॉन्ट्रैक्ट शेड्यूल के मुताबिक एक किट फ्रांस से भारत लाई जाएगी और हर महीने तीन से चार भारतीय राफेल को आईएसई मानकों में अपग्रेड किया जाएगा। फ्रांस से भारत आने वाला अंतिम विमान RB-008 होगा, जिसका नाम पूर्व वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के नाम पर रखा जाएगा।
Published on:
23 Nov 2021 08:43 pm
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