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सरकारी कर्मचारियों की होगी समीक्षा, ढंग से काम नहीं तो जबरिया होंगे रिटायर

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से जारी एक आदेश में कहा कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), बैंकों, स्वायत्त संस्थानों और सांविधिक निकायों को कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा के निर्देश दें,

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अब उन सरकारी कर्मचारियों की खैर नहीं जो ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को समय से पहले रिटायर किया जाएगा। इसके तहत केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों को कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। इस समीक्षा के आधार पर तय किया जाएगा कि कर्मचारी कैसा काम कर रहा है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से जारी एक आदेश में कहा कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), बैंकों, स्वायत्त संस्थानों और सांविधिक निकायों को कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा के निर्देश दें, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें 'सार्वजनिक हित में सेवा में बनाए रखा जाना चाहिए या समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिया जाना चाहिए।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने जारी किया आदेश

केंद्रीय सरकारी विभागों के सचिवों को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक मंत्रालयों और विभागों से बार-बार अनुरोध किया गया है कि वे इस संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और इस संबंध में रिपोर्ट डीओपीटी को पेश करें।

दक्षता और खर्च पर भी होगी निगाहें

सरकारी कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा के दौरान सरकारी कार्यों के निबटाने में दक्षता, कम खर्चा और कामकाज के दौरान गति को देखा जाएगा। डीओपीटी की ओर से 27 जून को जारी आदेश में कहा गया कि अधिकारी समीक्षा के लिए कर्मचारियों की पहचान कर समीक्षा समिति के समक्ष विचार के लिए प्रस्तुत करें। सभी मंत्रालयों और विभागों को इस संबंध में जुलाई, 2024 से प्रत्येक माह की 15 तारीख तक एक विशेष प्रारूप में डीओपीटी को रिपोर्ट देनी होगी।