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क्या INDIA नाम ख़त्म करने जा रही सरकार? G20 के निमंत्रण पत्र पर दिखी पहली झलक

G20 Summit 2023: सरकार द्वारा बुलाए गए संसद के विशेष सत्र के दौरान क्या होगा इस पर तमाम चर्चाओं के बीच देश का नाम बदले जाने की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। क्या INDIA नाम मोदी सरकार खत्म करने जा रही है, क्या अब हमारे देश का आधिकारिक नाम भारत होगा। आज पहली बार इसकी झलक दिखी।

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Modi Bharat

INDIA Name Changed: G20 के बाद केंद्र सरकार से 18 से 22 सितंबर के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र में सरकार कौन-कौन सी बिल लाएगी, इस पर कयासों का दौर जारी है। कुछ दिन पहले सरकार की ओर से एक देश-एक चुनाव को लेकर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। जिसके बाद से एक विषय से संबंधित बिल आने को लेकर चर्चा तेज हो गयी थी। लेकिन इस बीच एक और नई बात सामने आ रही है और इससे जिस तरह के संकेत मिल रहे हैं, ऐसे में लगने लगा है कि संसद के विशेष सत्र के दौरान मोदी सरकार, देश के नाम बदले जाने India से बदलकर भारत किए जाने का प्रस्ताव रख सकती है।


पहली झलक ऐसे मिली

विशेष सत्र के दौरान मोदी सरकार देश के नाम बदलने पर प्रस्ताव लाती है या नहीं, यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन ये नाम बदलने वाली भावना को बल कहां से मिला, अचानक हर जगह इस विषय पर चर्चा क्यों होने लगी, सोशल मिडिया पर ऐसी ख़बरें क्यों तैरने लगी, सबसे पहले इस पर चलते हैं। आज मंगलवार की सुबह ही एक खबर सामने आई कि, भारत के प्रेसीडेंसी G20 ने नया हैंडल G-20 भारत लॉन्च किया है। यह G20 का अतिरिक्त X ( पूर्व में Twitter ) अकाउंट होगा। इसके तहत G20 से जुड़ी टिप्पणियां और सभी प्रकार की सूचनाएं भारत के आधिकारिक नाम से साझा की जाएंगी।


G20 के निमंत्रण पत्र पर भी भारत दर्ज

राष्ट्रपति भवन में G20 समिट के दौरान 9 सितंबर को डिनर का आयोजन किया जाना है, इस डिनर का आमंत्रण भी 'भारत के राष्ट्रपति' (President of Bharat) के नाम से भेजा है। जबकि इससे पहले किसी भी पत्र या सूचना में President of India प्रयोग किया जाता रहा है। इस बात की जानकारी कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने दी। कांग्रेस सांसद जयराम ने लिखा , "तो ये खबर वाकई सच है... राष्ट्रपति भवन ने 9 सितंबर को G20 रात्रिभोज के लिए सामान्य 'President of India' के बजाय 'भारत के राष्ट्रपति' के नाम पर निमंत्रण भेजा है।


क्या बोले केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर?

विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया आने के बाद इस केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। जयराम रमेश के दावे पर चंद्रशेखर ने कहा "उन्हें हर चीज से समस्या है और मुझे कुछ नहीं कहना है। मैं 'भारतवासी' हूं, मेरे देश का नाम 'भारत' था और हमेशा 'भारत' ही रहेगा। अगर कांग्रेस को इससे दिक्कत है तो उन्हें इसका इलाज खुद ढूंढना चाहिए।"

RSS चीफ भी कर चुके हैं पैरवी

RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत भी देश का नाम भारत करने की पैरवी कर चुके हैं। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा था, "हमारे देश का नाम सदियों से भारत ही है। भाषा कोई भी हो, नाम एक ही रहता है। हमारा देश भारत है और हमें सभी व्यवहारिक क्षेत्रों में इंडिया शब्द का इस्तेमाल बंद करके भारत शब्द का इस्तेमाल शुरू करना होगा, तभी बदलाव आएगा। हमें अपने देश को भारत कहना होगा और दूसरों को भी यही समझाना होगा।"