
देश में वित्तीय अपराध को रोकने के लिए बनी प्रवर्तन निर्देशालय, प्रधानमंत्री के सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाली SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) और सीआईएसएफ ये तीनों एजेंसिया इस समय एक ही समस्या से जूझ रही हैं। और इन तीनों की समस्या भी एक ही है। दरअसल तीनों ही एजेंसियों के पास फिलवक्त अपना मुखिया नहीं है। अगर साफ शब्दों में कहे तो सरकार को अब तक ऐसे तीन योग्य अफरल नहीं मिले है, जो इन संस्थानों को संभाल सकें।
ED डायरेक्टर को सरकार ने 3 बार दिया सेवा विस्तार
बता दें कि ED के डायरेक्टर संजय मिश्रा सरकार के काफी करीबी और भरोसेमंद अफसर माने जाते हैं। इस कारण केंद्र की मोदी सरकार ने इन्हें इनका कार्यकाल पूरा होने के बावजूद 3 बार सेवाविस्तार दिया। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मिश्रा के सेवा विस्तार पर रोक लगा दिया। और सरकार को15 सितंबर तक का टाइम देते हुए कहा था कि वह इस दौरान नया मुखिया चुन ले।
यहीं नहीं लंबी बहस के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा था कि क्या इतने बड़े देश में ईडी के मुखिया के तौर पर आपको कोई दूसरा योग्य अफसर नहीं मिल पा रहा। लेकिन अब 15 सितंबर की डेडलाइन भी खत्म हो गई है लेकिन सरकार की तलाश पूरी नहीं हो सकी है। कयास तो यहां तक लगाया जा रहा है कि सरकार अब मिश्रा को ही नई जिम्मेदारी देते हुए सीबीआई और ईडी का संयुक्त मुखिया बना सकती है।
अरुण कुमार सिन्हा को दिया गया था सेवा विस्तार
यहां तक तो सब कुछ ठीक था। लेकिन आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि पीएम की सुरक्षा करने वाली एजेंसी एसपीजी के मुखिया अरुण कुमार सिन्हा का इसी साल 30 मई को उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला था, लेकिन उससे एक दिन पहले ही उन्हें फिर से एक साल का सेवा विस्तार मिल गया था।
हालांकि केरल काडर के 61 वर्षीय IPS अधिकारी सिन्हा का पिछले हफ्ते कैंसर से निधन हो गया। वह काफी लंबे समय से इस बिमारी से जूझ रहे थे। वहीं,अब उनके निधन के बाद सरकार को एसपीजी के नए मुखिया की तलाश है, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है। अब देखना ये है कि सरकार इन तीनों पदों के लिए कब तक नए अफसरों की नियुक्ति करती हैं।
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Published on:
14 Sept 2023 07:59 pm
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