
Green War Room चौबीसों घंटे रखेगा वायु प्रदूषण पर नजर
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी को हर साल सर्दियों के मौसम में जकड़ लेने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुक्रवार को 15 सूत्री विंटर एक्शन प्लान जारी किया।
यह प्लान सम्बन्धित विभागों की कार्ययोजना और विशेषज्ञों के साथ हुए विचार विमर्श में आए सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें सबसे अहम घोषणा ग्रीन वार रूम की स्थापना की है। यह वार रूम चौबीसों घंटे वायु प्रदूषण पर नजर रखेगा और इसकी रिपोर्ट के आधार पर प्रतिदिन प्रतिरोधात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही दिल्ली में चिह्नित किए गए तेरह हॉट स्पॉट में प्रदूषण पर निगरानी के लिए अलग-अलग एक्शन प्लान व 13 विशेष टीमें बनाई गई हैं। इन सभी हॉट स्पाट की सघन निगरानी ग्रीन वार रूम से की जाएगी।
केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में एक्शन प्लान की घोषणा करते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में वायु प्रदूषण में तीस फीसदी तक की कमी आई है। साल 2014 में पीएम-2.5 का स्तर 149 था। यह अब 103 रह गया है। पीएम-10 का स्तर 324 से कम होकर 223 हो गया है। इस साल एक्शन प्लान को सख्ती से लागू कर प्रदूषण को और अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जाएगा।
ये उपाय साबित हो रहे कारगर
प्रदूषण रोकने के अब तक हुए प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली देश का पहला शहर है, जहां कोयला आधारित कोई थर्मल पावर प्लांट नहीं है। पहले चल रहे दोनों ऐसे प्लांट हो चुके हैं। पराली की समस्या से निपटने के लिए खेतों में बायो-डी-कंपोजर के छिड़काव से पराली गलाई जा रही है। पिछले साल 4400 एकड़ इसका छिड़काव किया था। इस साल 5000 एकड़ से अधिक बासमती और गैर-बासमती कृषि भूमि पर बायो-डीकंपोजर का निःशुल्क छिड़काव किया जाएगा।
यू रुकेगा धूल व धुआं
सड़कों की सफाई के दौरान उड़ने वाली धूल रोकने के लिए 82 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन लगाई गई हैं, जबकि सड़कों पर पानी छिड़कने को 530 वाटर स्प्रिंक्लिंग मशीनें और 258 मोबाइल एंटी स्मॉग गन लगाई जाएंगी। वाहन प्रदूषण रोकने 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन पर प्रतिबंध सख्ती से लागू करने 385 टीमें बनाई गई हैं। अत्यधिक ट्रैफिक वाली 90 सड़कों पर दबाव कम करने वैकल्पिक रूट उपलब्ध कराए जाएंगे।
पड़ोसी राज्यों से भी की अपील
सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट के आंकड़ों के हवाले से केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 31 फीसदी प्रदूषण आंतरिक स्रोतों व 69 फीसदी बाहरी स्रोतों से है। ऐसे में पड़ोसी राज्यों से सीएनजी आधारित वाहन ही दिल्ली में आने देने। इंडस्ट्री को पीएनजी में शिफ्ट करने तथा एनसीआर में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध की अपील की गई है।
Published on:
29 Sept 2023 09:03 pm
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