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पीएम मोदी के डिग्री विवाद में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को झटका, गुजरात हाईकोर्ट ने नहीं दिया राहत

Gujarat high court did not give relief cm kejriwal: आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की पुनर्विचार याचिका पर गुजरात उच्च न्यायालय से गुरुवार को करारा झटका लगा।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिग्री को चुनौती देने वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की पुनर्विचार याचिका पर गुजरात उच्च न्यायालय से गुरुवार को करारा झटका लगा। उच्च न्यायालय ने 31 मार्च के आदेश को बरकरार रखते हुए केजरीवाल की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया।

केजरीवाल अपने कानूनी उपाय खो चुके

जस्टिस बीरेन वैष्णव ने गुरुवार गुप कहा केजरीवाल की पुनर्विचार याचिका को खारिज की जाती है। न्यायमूर्ति वैष्णव की अदालत ने कहा कि वह विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर रहे देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील से सहमत होगी कि जब गुजरात उच्च न्यायालय ने अनुमति दी तो केजरीवाल अपने कानूनी उपाय खो चुके थे।

केजरीवाल को भरना पड़ेगा 25 हजार का जुर्माना

केजरीवाल को प्रधानमंत्री मोदी की मास्टर ऑफ आर्ट्स (एमए) की डिग्री के बारे में जानकारी प्रदान करने के सीआईसी के आदेश को रद्द करते हुए उच्च न्यायालय ने आप संयोजक पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। केजरीवाल ने अपनी समीक्षा याचिका में प्रधानमंत्री की डिग्री के मामले पर कायम रहने के लिए अदालत द्वारा उन पर लगाए गए जुर्माने को चुनौती दी थी। अदालत के आज के फैसले का मतलब है कि केजरीवाल को अब पहले लगाया गया 25,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।

हाईकोर्ट ने लगाया था 25 हजार का जुर्माना

गौरतलब है कि अप्रैल 2016 में केंद्रीय सूचना आयोग ने केजरीवाल से उनके चुनावी फोटो पहचान पत्र के बारे में जानकारी मांगी। इस पर केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी की शैक्षणिक डिग्री का खुलासा करने की मांग की थी। इस पर केंद्रीय सूचना आयोग ने गुजरात विश्वविद्यालय को मोदी की डिग्री का ब्यौरा देने का निर्देश दिया। इसके खिलाफ गुजरात विश्वविद्यालय ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर उच्च न्यायालय ने सूचना आयोग के आदेश को रद्द कर दिया और केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया।

गुजरात विश्विद्यालय ने दर्ज कराया था मुकदमा

इसके बाद केजरीवाल और आप नेता संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस पर गुजरात विश्विद्यालय ने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने विश्वविद्यालय के खिलाफ अपमानजनक बयान दिए और उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया। विश्वविद्यालय ने दोनों नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा कर दिया। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ पुर्नविचार याचिका दायर की थी, जिसे आज उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है।

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