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फर्जी सरकारी ऑफिस बनाकर 2 साल में सरकार से ही ठग लिए 4 करोड़, ऐसे हुआ गिरफ्तार

गुजरात से एक बेहद हैरान कर देने वाली ठगी का मामला प्रकाश में आया है। जहां सरकारी कार्यालय खोलकर ठग ने दो साल में 4 करोड़ रुपए ठग लिए।

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देश में अबतक ठग खुद को पीएम ऑफिस या सीएम ऑफिस का आदमी बता कर लोगों को चूना लगाते थे। लेकिन गुजरात से एक ऐसे मामला सामने आए है जहां ठग ने फर्जी सरकारी दफ्तर बना कर सरकार को ही ठग लिया। दरअसल गुजरात के छोटा उदयपुर में फर्जी सरकारी दफ्तर बनाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है। यहां फेक गवर्नमेंट ऑफिस बनाकर सरकार को 4.15 करोड़ रुपये का चूना लगाने का मामला दर्ज किया गया है।


सिंचाई विभाग का कार्यालय बनाया था

गुजरात पुलिस ने इस मामले में आरोपी संदीप राजपूत पर फर्जी कार्यालय बनाकर अनुदान प्राप्त करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। छोटा उदयपुर में कार्यपालक अभियंता सिंचाई परियोजना बोडेली के नाम से फर्जी सरकारी कार्यालय बनाया गया और आदिवासी विभाग से अनुदान भी पारित किया गया। जब इस पूरे मामले की जांच की गई तो चौंकाने वाली यह बात सामने आई कि इस फर्जी सरकारी दफ्तर ने लगभग 100 विकास कार्यों के नाम पर सरकार से 4 करोड़ 15 लाख से ज्यादा की रकम हासिल की है।

ऐसे पता चला

फेक गवर्नमेंट ऑफिस के बारे में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि 25 अक्टूबर को जिला कलेक्टर सचिन कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक के दौरान फंड मांगने वाले आवेदन के बारे में चर्चा की गई थी। सब कुछ ठीक चल रहा था तभी सीमावर्ती गांव सिंचाई और लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के तहत 12 कार्यों के लिए 3.78 करोड़ रुपये की मांग करने वाले आवेदनों पर चर्चा की गई, तभी वहां मौजूद ऑफिसर को ध्यान आया कि बोडेली में कार्यकारी अभियंता का कोई कार्यालय नहीं है।

इसके बाद जांच शुरु हुई और कलेक्टर ने बोडेली कार्यालय द्वारा संचालित परियोजनाओं और उसे प्राप्त धन का पूरा ब्यौरा मांगा। धीरे-धीरे सभी पहलुओं को जांचा गया तब पता चला कि जुलाई 2021 से 25 अक्टूबर तक उस ठग को 4,15,54,915 रुपये की सरकारी धनराशि मिली थी। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी और राजपूत के साथअबुबकर सैय्यद को भी गिरफ्तार किया गया है।