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CM को 4 घंटे तक बंधक बनाया… आखिर हरियाणा सरकार से क्यों इतने नाराज हैं लोग, जानें वजह

Protest against Haryana CM : 90 विधानसभा सीटों वाले हरियाणा में अगले साल चुनाव होना है। चुनाव से पहले मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम चला रहे हैं। लेकिन इस कार्यक्रम में सीएम को जगह-जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

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हरियाणा सरकार से क्यों नाराज हैं लोग, जानिए बड़ी वजहें

हरियाणा सरकार से क्यों नाराज हैं लोग, जानिए बड़ी वजहें

Protest against Haryana CM Manohar Lal Khattar : हरियाणा में विधानसभा चुनाव 2024 में होना है। इस चुनाव से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जनता की नब्ज समझने के लिए पूरे प्रदेश में जन संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। लेकिन उन्हें कई जगहों पर लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को महेंद्रगढ़ में तो लोगों का गुस्सा ऐसा भड़का कि मुख्यमंत्री को ही चार घंटे तक बंधक बना लिया गया। मुख्यमंत्री के बंधक बनाए जाने से पहले लोगों को समझाने स्थानीय विधायक पहुंचे। लेकिन लोगों ने उन्हें भगा दिया। काफी देर तक चली गहमागहमी के बाद मुख्यमंत्री का घेराव कर रहे लोग वहां से हटे। किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री का लोगों द्वारा बंधक बनाया जाना शर्मिंदगी की बात है। ऐसी घटना यह भी संकेत देती है कि वहां जनता कितनी नाराज है?



हरियाणा में इस समय BJP-JJP की गठबंधन सरकार

हरियाणा में इस समय भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जननायक जनता पार्टी (JJP) की गठबंधन सरकार है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। राज्य में खट्टर सरकार के 9 वर्ष बीत चुके हैं। लेकिन अगले साल होने वाले चुनाव से पहले हरियाणा में लोग सरकार से नाराज है। लोगों की नाराजगी की कई वजहे हैं। आइए जानते हैं चुनाव पूर्व हरियाणा में भाजपा सरकार से लोगों की नाराजगी की वजह-


सबसे पहले जानिए CM को क्यों बनाया गया बंधक

शुक्रवार को महेंद्रगढ़ में जन संवाद कार्यक्रम के दौरान लोगों के घेराव के कारण मनोहर लाल खट्टर लगभग 4 घंटे तक एक ही घर में फंसे रहे। इस दौरान उनके खिलाफ लगातार नारेबाजी होती रही। सीएम के समर्थन में आए विधायक और मंत्री को भी जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा।

दरअसल मनोहर लाल खट्टर तीन दिवसीय जनसंवाद के लिए महेंद्रगढ़ पहुंचे थे। यहां शुक्रवार को सीएम के कार्यक्रम का आखिरी दिन था। शुक्रवार को महेंद्रगढ़ के सीमहा गांव में सीएम का प्रोग्राम था। सीएम की सभा के दौरान ही सीमहा के लोगों ने गांव को उप तहसील बनाने की मांग की। सीएम ने जनता की मांग मानी और सीमहा को उप तहसील बनाने का ऐलान कर दिया।

दोंगडा में स्वागत के बदले सीएम का विरोध

इसके बाद सीएम खट्टर का पड़ोस के गांव दोंगडा में नाइट हॉल्ट था। रात्रि विश्राम के लिए सीएम जैसे ही दोंगडा पहुंचे वहां लोगों ने उनके स्वागत के बजाए विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों का तर्क था कि सीमहा से बड़ा गांव दोंगडा है। उप तहसील सीमहा नहीं दोंगडा को बनाया जाना चाहिए। दोंगडा में सीएम का विरोध देख पूर्व शिक्षामंत्री राम विलास शर्मा, स्थानीय विधायक लोगों को समझाने आए लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

CM ने गलती मानी, घोषणा वापस ली, तब शांत हुए लोग

विरोध देख सीएम खट्टर ने नारेबाजी कर रहे लोगों से बातचीत की। लंबी बातचीत के बाद सीएम ने कहा कि उन्हें स्थिति का पता नहीं था। अगला दौरा अटेली मंडी विधानसभा का होगा तब सर्वे करवा कर उचित स्थान को उप तहसील बनाया जाएगा। सीएम द्वारा यह आश्वासन मिलने के बाद लोग शांत हुए।


जब महिला सरपंच ने CM के पैरों पर रख दिया दुपट्टा

इससे पहले सिरसा के एक गांव में जन संवाद के दौरान एक महिला सरपंच नैना झारोड़ ने उनके जनसंवाद कार्यक्रम में जाकर अपनी नाराजगी जताई और जब सीएम खट्टर ने उसे बार-बार टोका और कहा कि बहसबाजी मत करो, तो महिला ने अपना दुपट्टा उठाकर खट्टर के कदमों पर रख दिया। सरपंच नैना झारोड़ की इस हरकत के बाद महिला अधिकारी और पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटा लिया। बाकी सब सरपंच को हिरासत में ले लिया गया।



जब CM ने कहा- यह आप का कार्यकर्ता है, उठाकर बाहर फेंको इसे


सिरसा के जनसंवाद कार्यक्रम में हरियाणा सीएम एक व्यक्ति पर बुरी तरह से झल्ला उठे थे। नशामुक्ति का सुझाव मांगने के लिए आयोजित कार्यक्रम में सीएम खट्टर ने कहा, "राजनीति मत करना दोस्तों.. ये राजनीति करने वाला है और आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता है, इसकी उठाकर पिटाई करो और बाहर फेंको.. उठा ले जाओ इसको बाहर.."। इसके बाद मुख्यमंत्री के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि उनके कार्यकर्ता उस शख्स को बाहर उठाकर ले जा रहे हैं।


सरकार के खिलाफ लोगों की नाराजगी चरम पर

हरियाणा सीएम के विरोध की इन तीन-चार बड़ी घटनाओं के अलावा और भी कई छिटपुट घटनाएं हैं, जिसमें हरियाणा के लोग सरकार और सीएम के खिलाफ विरोध करते नजर आए। चुनावी साल में लोगों की इस नाराजगी की क्या वजहें है? इसपर हरियाणा के वरिष्ठ पत्रकार जेएस सिंधु का कहना है कि लोगों के विरोध की तस्वीरों को देखकर समझना मुश्किल नहीं था कि लोगों में नाराजगी किस हद तक है। वे कहते हैं कि सीएम खट्टर के खिलाफ लोगों का आक्रोश बेहद बढ़ चुका है।

भाजपा की चाल को समझने लगे लोग, इसलिए हो रहा विरोध: सिंधु

हरियाणा की राजनीति की अच्छी समझ रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार सिंधु कहते हैं कि भाजपा ने हरियाणा में काफी रणनीतिक तौर पर चुनाव लड़ा। यहां धार्मिक आधार पर नहीं बल्कि जातिगत और सामाजिक आधार पर खाई पैदा करने की कोशिश की गई थी। लेकिन अब लोग इसे समझने लगे हैं और अपनी खाई को भरने की कोशिश कर रहे हैं और उसका असर सीधे तौर पर भाजपा के खिलाफ नजर आ रहा है।



डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला से भी नाराजगी, ये रही वजह

सिंधु ने आगे बताया कि हरियाणा के लोग जेजेपी नेता और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से भी नाराज है। लोगों ने उन्हें भाजपा से लड़ने के लिए समर्थन दिया था लेकिन वे खुद भाजपा के हो गए हैं ऐसे में लोगों में एक धोखा खाने का रंज है जिसे वे जल्दी नहीं भूलेंगे।

पहलवानों के प्रदर्शन का भी दिख रहा असर

इसके अलावा हरियाणा में भाजपा के विरोध का एक बड़ा कारण पहलवानों का प्रदर्शन भी है। इस प्रदर्शन को सौ से ज्यादा खाप पंचायतों ने अपना सर्मथन दिया है और इससे जनभावना बन रही है जो सीएम खट्टर और भाजपा के खिलाफ काम कर रही है।

बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक सहित अन्य पहलवानों ने कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद से आर-पार की लड़ाई छेड़ रखी है। लेकिन अभी तक बृजभूषण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर हरियाणा सरकार से भी धरना दे रहे पहलवानों को कोई आश्वासन नहीं मिला है। इससे खेल और कुश्ती पसंद हरियाणा के लोग सरकार से नाराज है।



हरियाणा विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2019

90 विधानसभा सीटों वाले हरियाणा में 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। सत्ता धारी बीजेपी 40 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। कांग्रेस ने 31 सीटों पर जीत हासिल की थी। जेजेपी 10 सीटों पर जबकि हरियाणा लोकहित पार्टी 1, आईएनएलडी 1 और 7 सीटें अन्यों को मिली थी। चुनाव परिणाम के बाद भाजपा ने जेजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।

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