
बाढ़ और भूस्खलन से 37 लोगों की मौत (ANI फोटो)
Heavy Rainfall Northeast: देश के पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून की भारी बारिश (Heavy Rain) ने कहर बरपाया है। सिक्किम, असम, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ (Flood) और भूस्खलन (Landslide) की घटनाओं में कम से कम 37 लोगों की जान चली गई है। हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, और कई क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है।
सिक्किम के लाचेन में रविवार को एक भीषण भूस्खलन ने सेना के कैंप को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में तीन सैनिकों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य, जिनमें कुछ युद्धक सैनिक भी शामिल हैं, लापता हैं। भारी बारिश के कारण सिक्किम में 1,500 से अधिक पर्यटक फंसे हुए हैं। सिक्किम में भारी मॉनसून बारिश की वजह से पहले भी कई बार बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं। तीस्ता नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों को जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
असम में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। गुवाहाटी के बोंदा इलाके में भूस्खलन से तीन बच्चों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। ऊपरी असम के लखीमपुर जिले में रंगनदी बांध से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण कई गांव जलमग्न हो गए, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। राज्य में कुल नौ लोगों की मौत की खबर है। बाढ़ के कारण सड़कें और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
मेघालय में भूस्खलन, बाढ़ और बिजली गिरने से सात लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। चेरापूंजी और मावसिनराम, जो दुनिया के सबसे अधिक वर्षा वाले स्थानों में से हैं, ने एक दिन में 47 सेमी बारिश दर्ज की। मिजोरम में भूस्खलन से 13 घर नष्ट हो गए और एक व्यक्ति की मौत हो गई। स्कूल बंद कर दिए गए हैं, और बचाव कार्यों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगी हुई हैं।
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में नौ लोगों की जान चली गई। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण कई क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। असम, मेघालय और सिक्किम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मॉनसून की गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
प्रभावित राज्यों में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। सिक्किम में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। असम और मेघालय में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। केंद्र और राज्य सरकारें स्थिति पर नजर रख रही हैं और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दे रही हैं।
Updated on:
3 Jun 2025, 10:25 AM IST
Published on:
3 Jun 2025, 10:25 AM IST
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