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मानसून का कहर: हिमाचल प्रदेश में अब तक गई 199 लोगों की जान, 12 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और सड़क दुर्घटनाओं के चलते 20 जून से 6 अगस्त के बीच 199 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश का अलर्ज जारी किया है।

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भारत

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Himadri Joshi

Aug 07, 2025

Himachal Pradesh weather

Monsoon (Image: ANI)

हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। यहां लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की घटनाओं से कई राज्यों में बाढ़ आ गई है। इसके साथ ही राज्य से हर दिन भूस्खलन की खबरें भी सामने आ रही है। एक के बाद एक मौसमी आपदाओं ने राज्य को घेर रखा है। इसके चलते अब तक सैंकड़ों लोग अपनी जान गवा चुके है जबकि बड़ी सख्यां में लोग अभी भी लापता है। इसके साथ ही राज्य की संपत्ती को भी इन आपदाओं में भारी नकुसान हुआ है।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने जारी की रिपोर्ट

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) ने गुरुवार सुबह एक रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि 6 अगस्त तक इन घटनाओं के चलते कुल 199 लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य को 1,90,550 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हो चुका है। जहां पहले ही इन आपदाओं के चलते राज्य का भारी नुकसान हो गया है, वहीं आगे की बारिश का कहर रुकने की उम्मीद नहीं है क्योंकि मौसम विभाग ने 12 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

108 लोगों की मौत बारिश के चलते

रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 108 लोगों की मौत बारिश से संबंधित आपदाओं में हुई है, जबकि 91 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गवानी पड़ी। यह सभी मौतें 20 जून से 6 अगस्त 2025 के बीच हुई है। इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि इन आपदाओं के चलते राज्य के पशुधन, घरों और बुनियादी ढांचे पर भी भारी प्रभाव पड़ा है। राज्य को मानसून के दौरान कुल अनुमानित 1,90,550 लाख रुपये से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसमें सड़कों, जल योजनाओं, बिजली के बुनियादी ढांचे, स्कूलों, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और आवास का नुकसान शामिल है।

12 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभान ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 12 अगस्त तक राज्य में अभी और अधिक बारिश होने का अनुमान है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से आवश्यक सुविधाओं के संचालन में अधिक मुश्किलें बढ़ सकती है और अधिक लोगों को अपनी जान गवानी पड़ सकती है।

बादल फटने के चलते 17 लोगों की मौत

बारिश से संबंधित मौतों में बादल फटने के चलते 17 लोगों की, डूबने से 20 लोगों की, अचानक आई बाढ़ से 9 लोगों की, भूस्खलन से 6 लोगों की और बिजली का झटका लगने से एक व्यक्ति की मौत हुई है। इसके अलावा अन्य मौतें गिरने, आग लगने, बिजली गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं की वजह से हुईं हैं।

सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें मंडी में

सड़क हादसों में भी अब तक 91 लोगों की जान जा चुकी है। इन हादसों की मुख्य वजहें सड़कों पर फिसलन, रास्ते साफ न दिखना और रास्तों का बंद होना रही। इसमें सबसे ज्यादा मौते मंडी जिले में हुई, यहां 19 लोगों ने सड़क हादसों में जान गवाई। इसके बाद शिमला में 15, कुल्लू में 8, कांगड़ा में 6 और किन्नौर में 7 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई।

राज्य की 493 सड़कें अभी भी बंद

एसईओसी की इस रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण राज्य की 493 सड़कें अभी भी बंद हैं और 1,120 बिजली के ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। इसके अलावा, 245 पानी की आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मंडी, कुल्लू और सोलन जैसे जिलों में अभी भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन तेजी से सभी सुविधाओं को बहाल करने का काम कर रहा है और इसी बीच उन्होंने लोगों से कमजोर पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से बचने का आग्रह किया है।