
हिंदू लड़की पढ़ेगी नमाज, हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांगी इजाजत, जज ने पूछा कारण तो कही यह बात
Hindu Girl Offer Namaz: नमाज पढ़ना मुस्लिमों की इबादत का सबसे पाक हिस्सा है। कहा जा रहा है कि सच्चे मुसलमान हर रोज पांचों वक्त नमाज अता करते हैं। लेकिन क्या कभी आपने किसी हिंदू को नमाज पढ़ते देखा या सुना है। आम तौर पर ऐसी मिसाल बहुत कम सामने आती है। लेकिन इस समय उत्तराखंड से भारत की गंगा-जमुना तहजीब को बढ़ावा देने वाला एक रोचक मामला सामने आया है। दरअसल यहां एक हिंदू लड़की ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर नमाज पढ़ने की इजाजत मांगी है। कोर्ट ने लड़की की याचिका को स्वीकार कर लिया है। हिंदू लड़की के नमाज पढ़ने के दौरान स्थानीय पुलिस को उसे सुरक्षा देने की बात कही है। हिंदू लड़की नमाज पढ़ने की इस रोचक मांग पर जज ने जब कारण जानना चाहा तो लड़की ने बेहद साफगोई से अपनी बात बताई है।
कलियर शरीफ में नमाज पढ़ने की इजाजत मांगी
दरअसल उत्तराखंड हाई कोर्ट (High Court) में एक हिंदू लड़की (hindu girl) ने याचिका दाखिल कर हरिद्वार के मशहूर दरगाह कलियर शरीफ में नमाज (Namaz) पढ़ने की अनुमति मांगी है। साथ ही उसने कोर्ट से सुरक्षा की भी मांग की है। मामले में वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में सुनवाई हुई। कोर्ट ने लड़की को सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी।
मध्य प्रदेश की लड़की, हरिद्वार में करती है नौकरी
मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत मांगने वाली हिंदू लड़की मध्य प्रदेश की रहने वाली है। 22 वर्षीय भावना हरिद्वार स्थित सिडकुल में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। भावना ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उसका नमाज पढ़ने का मन करता है और वो अपने सहकर्मी के साथ कलियर शरीफ में नमाज पढ़ना चाहती है। मगर, पिरान कलियर में नमाज अदा करने के लिए जब वह जाती है तो कुछ संगठन उसका विरोध करते हैं।
साथ में काम करने वाले लड़के के साथ पढ़ना चाहती नमाज
भावना के दफ्तर में फरमान (35 साल) नामक एक मुस्लिम युवक नौकरी करता है। वो उसी के साथ वो कलियर शरीफ में नमाज पढ़ना चाहती है। लेकिन जब वो नमाज पढ़ने के लिए कलियर शरीफ जाती है तो वहां कुछ संगठन उसके हिंदू होने के कारण विरोध करते हैं। ऐसे में लड़की ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की मांग की है।
लड़की ने धार्मिक स्वतंत्रता का मामला बताया
नमाज पढ़ने को लड़की ने अपनी धार्मिक स्वतंत्रता का मामला बताया है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान जब जज ने इसका कारण पूछा तो उसने कहा कि वह इससे (मुस्लिम सहकर्मी) प्रभावित है, इसलिए वहां नमाज पढ़ना चाहती है। भावना ने कोर्ट को बताया कि उसने शादी नहीं की है और न ही वह अपना धर्म बदलना चाहती है। वह हिंदू धर्म की अनुयायी है और बिना किसी डर, आर्थिक लाभ, भय या दबाव के कलियर में इबादत करना चाहती है।
लड़की की बात सुनने के बाद जज ने पुलिस को सुरक्षा देने के आदेश दिए। अदालत ने कहा कि जब वह नमाज पढ़ने जाए तो उससे पहले वह एक प्रार्थना पत्र संबंधित थाने के SHO को दे। एसएचओ उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराएं।
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Published on:
12 May 2023 11:36 am
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