
अमित शाह ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर दी प्रतिक्रिया (फाइल फोटो- पत्रिका)
Amit Shah Interview: गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष पीएम-सीएम को हटाने वाले बिल का विरोध करके लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्या कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री गिरफ्तारी के बाद जेल से शासन व प्रशासन चला सकता है। विपक्षी नेता चाहते हैं कि उन्हें जेल से सरकार चलाने का विकल्प मिले।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लाल कृष्ण आडवाणी, मदनलाल खुराना और कई अन्य लोगों ने इस्तीफा दे दिया था। अभी झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने गिरफ्तारी के बाद इस्तीफा दिया। शाह ने कहा कि जो भी किसी मामले में आरोपी होता था, वह इस्तीफा दे देता था। बरी होने के बाद, वे फिर से राजनीति में आ जाते थे। तमिलनाडु के कुछ मंत्रियों ने इस्तीफा नहीं दिया। दिल्ली के मंत्री और मुख्यमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। अगर राजनीति और सामाजिक जीवन की नैतिकता का स्तर इस तरह से गिराया जा रहा है, तो हम इससे सहमत नहीं हैं। बता दें कि डीएम के नेता सेंथिल बालाजी, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने गिरफ्तारी के बाद इस्तीफा नहीं दिया था।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जब सीबीआई ने उन्हें समन भेजा था तो अगले दिन इस्तीफा दे दिया। बाद में मुझे गिरफ्तार किया गया। शाह ने कहा, 'केस चलता रहा और फैसला आया कि यह पॉलिटिकल वेंडेटा का केस था और मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। वह फैसला बाद में आया, मुझे पहले ही जमानत मिल गई थी…तब भी मैंने शपथ नहीं ली और दोबारा गृह मंत्री नहीं बना। इतना ही नहीं, जब तक मेरे खिलाफ सभी आरोप पूरी तरह से खारिज नहीं हो गए, तब तक मैंने किसी भी संवैधानिक पद की शपथ नहीं ली थी। तो मुझे क्या विपक्ष नैतिकता का पाठ पढ़ा रहा है?'
केंद्र ने 20 अगस्त को संविधान (130वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पेश किया था। गंभीर मामले, जिनमें सजा का प्रवाधान 5 साल से अधिक है, उनमें गिरफ्तारी या 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद छोड़ना होगा। केंद्र सरकार का कहना है कि पुराने कानून में पीएम-सीएम और मंत्रियों को पद से हटाने का कोई प्रावधान नहीं है।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को लेकर भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि जगदीप धनखड़ संवैधानिक पद 'उपराष्ट्रपति' पर आसीन थे। न्होंने अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या के कारण इस्तीफा दिया है। इसमें कुछ और निकालने की जरूरत नहीं है।
संसद के अंदर CISF की तैनाती पर शाह ने कहा कि मार्शल सदन में तभी प्रवेश करते हैं। जब अध्यक्ष उन्हें आदेश देते हैं। यह बदलाव उस बड़ी घटना के बाद आया है, जब कुछ वामपंथी लोगों ने संसद के अंदर स्प्रे किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता लगातार तीन चुनाव हारने के बाद हताश हो चुके हैं। उन्होंने अपना विवेक खो दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस और इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुर्दशन रेड्डी पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने निशाना साधा। शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में जज रहते रेड्डी ने सलवा जुडूम को खारिज कर दिया और आदिवासियों के आत्मरक्षा के अधिकार को खत्म कर दिया। इसी वजह से इस देश में नक्सलवाद दो दशकों से ज्यादा समय तक चला। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि वामपंथी विचारधारा ही मानदंड रही होगी।
Updated on:
25 Aug 2025 12:44 pm
Published on:
25 Aug 2025 12:41 pm
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