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IPS पति की मौत के जिम्मेदार आरोपियों के खिलाफ SSP से भिड़ गईं IAS अमनीत, SC वर्ग के अधिकारियों का भी मिला साथ

हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में FIR की कॉपी देखकर IAS अमनीत भड़क गईं। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस को एप्लिकेशन देकर कहा कि FIR में आरोपी अफसरों के नाम अलग से कॉलम में नहीं लिखे गए हैं। अब इस मामले में ब्यूरोक्रेसी में मौजूद अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों का भी उन्हें साथ मिल रहा है।

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Haryana IPS officer Y Puran Kumar Singh

हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार सिंह (फोटो- AIR एक्स पोस्ट)

IPS Suicide Case: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में DGP शत्रुजीत कपूर सहित कई वरीय पुलिस अधिकारियों पर FIR दर्ज की गई है। मरने से पहले वाई पूरन कुमार ने सुसाइड नोट में शत्रुजीत कपूर सहित कई लोगों के नाम लिखे थे। वहीं, IPS की पत्नी व IAS अधिकारी अमनीत पी कुमार ने FIR पर एतराज जताया।

उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस को एप्लिकेशन देकर कहा कि FIR में आरोपी अफसरों के नाम अलग से कॉलम में नहीं लिखे गए हैं। उन्होंने मांग की कि FIR को फिक्स फॉर्मेट में लिखा जाए। इसके लेकर अमनीत और चंडीगढ़ एसएसपी कंवरदीप कौर के बीच तीखी बहस भी हुई। वहीं, IPS अधिकारी के शव की पोस्टमॉर्टम पर संशय बना हुआ है। इधर, इस मामले में हरियाणा ब्यूरोक्रेसी में शामिल SC वर्ग के IAS-IPS और HCS अफसर खुलकर पूरन कुमार के परिवार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि पूरन कुमार को रोहतक रेंज के IG जैसी मेन पोस्टिंग मिलने से कई बड़े अफसर नाराज थे और उन्हें किसी भी कीमत पर डाउन करना चाहते थे। उनका कहना है कि वे अफसर पूरन कुमार को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

चंडीगढ़ पुलिस ने BNS की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि FIR वाई पूरन कुमार के अंतिम सुसाइड नोट में उल्लिखित सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, जांच अभी जारी है और सभी साक्ष्यों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और प्रशासनिक कागजात की समीक्षा की जा रही है।

क्या लिखा था सुसाइड नोट में?

वाई पूरन ने सुसाइड नोट में लिखा, 'मेरे बैचमेट्स मनोज यादव, पी.के. अग्रवाल और टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने मिलकर जातिगत उत्पीड़न किया. मैंने गृह मंत्री और मुख्य सचिव को लिखित शिकायत दी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, आईपीएस कुलविंदर सिंह ने उन्हें फोन पर चेतावनी दी कि डीजीपी ने आदेश दिया है कि तुम्हें स्थायी रूप से हटाया जाएगा, संभल जाओ'। उन्होंने आखिरी पन्ने में लिखा कि अब मैं और नहीं सह सकता। ये लोग ही मेरी मौत के जिम्मेदार हैं।