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IMD मानसून पूर्वानुमान 2026: भारत में इस साल कम बारिश का अनुमान, 92% ही होगी बारिश

Monsoon 2026 Prediction: मौसम विभाग का कहना है कि देश में 2026 के साउथ-वेस्ट मॉनसून सीजनल बारिश सामान्य से कम या लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का लगभग 95-90 प्रतिशत होने की संभावना है।

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IMD issues a heavy rain and hailstorm alert

IMD ने जारी किया अलर्ट (File Photo)

IMD Monsoon Forecast 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए अपना पहला लंबी अवधि का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के अनुसार इस साल देश में कुल बारिश सामान्य से कम होने की संभावना है। IMD ने कहा है कि जून से सितंबर तक होने वाली बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का सिर्फ 92 प्रतिशत रहेगी। इसमें 5 प्रतिशत की गलती हो सकती है। यानी बारिश 90 से 95 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है। 1971-2020 के औसत के आधार पर देश में मानसून की सामान्य बारिश 87 सेंटीमीटर होती है। इस हिसाब से इस साल करीब 5-10 प्रतिशत कम बारिश हो सकती है। IMD मई के आखिरी हफ्ते में अपडेटेड पूर्वानुमान जारी करेगा।

एल नीनो-ला नीना का असर

वर्तमान में प्रशांत महासागर पर कमजोर ला नीना जैसी स्थिति है, जो धीरे-धीरे न्यूट्रल (सामान्य) स्थिति में बदल रही है। लेकिन IMD का मौसम मॉडल सुझाव दे रहा है कि मानसून के दौरान एल नीनो की स्थिति बन सकती है।

एल नीनो क्या है?

यह प्रशांत महासागर का गर्म चरण है। इसमें हवाएं कमजोर होती हैं और पानी गर्म हो जाता है। इससे भारत में अक्सर कम बारिश और सूखा पड़ता है। ला नीना ठंडा चरण है, जिसमें बारिश अच्छी होती है।

इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की भूमिका

भारतीय महासागर पर अभी न्यूट्रल IOD की स्थिति है। लेकिन मौसम मॉडल बताते हैं कि मानसून के अंत तक पॉजिटिव IOD बन सकता है। पॉजिटिव IOD भारत के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे मानसून की बारिश बढ़ने में मदद मिलती है। IMD के मुताबिक प्रशांत और भारतीय महासागर की सतह का तापमान मानसून पर बहुत असर डालता है। विभाग इन दोनों पर लगातार नजर रख रहा है।

किसानों और आम लोगों पर असर

सामान्य से कम बारिश का मतलब खरीफ फसलों (जैसे धान, मक्का, सोयाबीन) पर असर पड़ सकता है। सरकार और किसान पहले से ही पानी बचाने और वैकल्पिक फसलों की तैयारी कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में भारत ने अच्छी बारिश का लाभ उठाया था, लेकिन 2026 में सतर्क रहने की जरूरत है। IMD का यह पूर्वानुमान थोड़ा चिंताजनक है, लेकिन अभी अंतिम नहीं है। मई में अपडेट के बाद साफ तस्वीर सामने आएगी।