13 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ममता बनर्जी और PM मोदी में गुप्त समझौता? ओवैसी के सनसनीखेज दावे ने बंगाल में खलबली

West Bengal Assembly Elections: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्तारूढ़ टीएमसी के प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

2 min read
Google source verification
Asaduddin Owaisi

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैस (Photo-IANS)

Asaduddin Owaisi Attacks PM Modi: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव तारीख जैसे जैसे नजदीक आ रही है वैसे वैसे राजनीति पारा चढ़ता जा रहा है। सभी राजनीति पार्टियों अपने अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार प्रसार में जुटी हुई है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैस ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला है। ओवैसी ने कहा है कि पीएम मोदी और ममता बनर्जी दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने यह आरोप मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए लगाए गए है।

'प्रधानमंत्री मोदी और ममता एक ही सिक्के के दो पहलू'

ओवैसी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'जब एक वीडियो सामने आया, तो मैंने घोषणा की कि मजलिस बंगाल के मुसलमानों के हितों से समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी। मुझे बताइए, ममता बनर्जी और टीएमसी: क्या आपने भाजपा का साथ नहीं दिया? प्रधानमंत्री मोदी और ममता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। प्रधानमंत्री मोदी और ममता भाई-बहन की तरह हैं। ममता ने दावा किया था कि वह बंगाल में वक्फ अधिनियम लागू नहीं करेंगी, लेकिन उन्होंने सिर्फ आपके वोट हासिल करने के लिए झूठ बोला।'

यह घटना टीएमसी द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक 'स्टिंग वीडियो' के बाद सामने आई है, जिसमें एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर ने कथित तौर पर कहा है कि उन्होंने 1,000 करोड़ रुपये का सौदा किया है। एआईएमआईएम ने कहा कि इससे मुसलमानों की गरिमा को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं।

गंभीर अन्याय का सामना कर रहे मुसलमान

असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि समुदाय को गंभीर अन्याय का सामना करना पड़ा है। बंगाल के मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ घोर अन्याय हुआ है। लोग आपसे धर्मनिरपेक्षता का समर्थन करने को कहते हैं। क्या यह सच नहीं है कि जब पंडित जवाहरलाल नेहरू इस देश के प्रधानमंत्री थे (1960 के दशक में) इसी बंगाल के लगभग 40,000 मुसलमानों को नोटिस जारी किए गए या यहां से निर्वासित कर दिया गया?

मुर्शिदाबाद के न्याय के लिए कोलकाता में करेंगे 'चक्का जाम'

उन्होंने बीड़ी बनाने के काम में लगी महिलाओं के लिए न्यूनतम मजदूरी नीति लागू करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि बीड़ी बनाकर अपना जीवन यापन करने वाली हमारी माताओं और बहनों के लिए न्यूनतम मजदूरी नीति लागू की जाएगी। पिछले साल, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 5,00,000 ओबीसी प्रमाणपत्र रद्द कर दिए। इनमें से 3,50,000 प्रमाणपत्र मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के थे। पश्चिम बंगाल में जो भी विकास होता है, वह पूरी तरह से कोलकाता की ओर केंद्रित होता है। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद के न्याय के लिए कोलकाता में 'चक्का जाम' करेंगे।