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ससुराल आते ही विवाहिता को बेटा पैदा करने का बताया प्रोटोकॉल, कोर्ट ने कहा- चौंकाने वाला मामला

Kerala high court: ससुराल आते ही ससुराल वालों ने विवाहिता को एक नोट पकड़ा दिया, जिसमें स्वस्थ्य पुत्र की प्राप्ति के तरीके और उनका प्रोटोकॉल के बारे में लिखा था।

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Crime against woman

ससुराल आते ही विवाहिता को बेटा पैदा करने का बताया प्रोटोकॉल

Kerala high court: केरल हाईकोर्ट में एक अनोखा मामला सामने आया है। शादी के बाद ससुराल आते ही ससुराल वालों ने विवाहिता को एक नोट पकड़ा दिया, जिसमें स्वस्थ्य पुत्र की प्राप्ति के तरीके और उनका प्रोटोकॉल के बारे में लिखा था। ससुराल वालों का कहना था कि इन तरीकों से लड़के का जन्म होगा। महिला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पति, सास और ससुर के के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।याचिका में महिला ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2012 में हुई थी। उसके घर आते ही पहले दिन पति और ससुरालीजनों ने बेटे के जन्म के लिए निर्देशों का नोट सौंप दिया। महिला ने बताया कि ससुरालीजन मानते है कि इन निर्देशों के अनुसार गर्भधारण करने से लड़के का ही जन्म होता है। महिला ने बताया कि 2014 में महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद ससुराल वालों ने उसके साथ क्रूरता शुरू कर दी। इसे लेकर फैमिली कोर्ट में विभिन्न मुकदमे कराए गए, इनमें से कुछ का निपटारा हो गया और कुछ लंबित हैं।

महिला ने लगाए ये आरोप

महिला ने बताया कि 2014 में महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद ससुराल वालों ने उसके साथ क्रूरता शुरू कर दी। इसे लेकर फैमिली कोर्ट में विभिन्न मुकदमे कराए गए, इनमें से कुछ का निपटारा हो गया और कुछ लंबित हैं। महिला का कहना है कि उसने उसने प्री-नेटल डायग्नोस्टिक डिवीजन के निदेशक और अतिरिक्त निदेशक (परिवार कल्याण) को जांच करने और गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 के तहत पति और उसके परिवार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा था। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की। याचिकाकर्ता ने ससुरालजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रतिवादियों से जवाब मांगने के निर्देश दिए।

कोर्ट बोला..चौंकाने वाला मामला

इस मामले में जस्टिस देवन रामचंद्रन ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला चौंकाने वाला है। क्या ऐसी घटनाएं केरल में भी होती है? महिला का कहना था कि नोट में शारीरिक संबंध बनाने के तरीके और समय के बारे में भी स्पष्ट निर्देश दिए थे। ससुराल वालों का कहना था कि इन निर्देशों का हर हाल में पालन किया जाए ताकि स्वस्थ पुत्र पैदा हो। उनका मानना है कि लड़कियां वित्तीय बोझ होती हैं।

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