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राष्ट्रपति मुर्मु का देश के नाम संबोधन, कहा- राष्ट्र के विकास में महिलाएं दे रहीं योगदान, गांधीजी ने देश…

Independence Day 2023 President Draupadi Murmu: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के नाम संबोधन में कहा "स्वतंत्रता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हम केवल एक व्यक्ति ही नहीं हैं बल्कि हम एक ऐसे महान जन-समुदाय का हिस्सा हैं जो अपनी तरह का सबसे बड़ा और जीवंत समुदाय है।" इसके अलावा वो गांधी जी, नारी शक्ति समेत अनेक विषयों पर बोलीं।

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राष्ट्रपति मुर्मु का देश के नाम संबोधन, कहा- राष्ट्र के विकास में महिलाएं दे रहीं योगदान, गांधीजी ने देश...

राष्ट्रपति मुर्मु का देश के नाम संबोधन, कहा- राष्ट्र के विकास में महिलाएं दे रहीं योगदान, गांधीजी ने देश...

Independence Day 2023 President Draupadi Murmu: देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के नाम अपना संबोधन दिया। उन्होंने देश की जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और कहा कि "भारत लोकतंत्र की जननी रहा है इसलिए स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गौरव का दिन है। स्वतंत्रता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हम केवल एक व्यक्ति ही नहीं हैं, बल्कि हम एक ऐसे महान जन-समुदाय का हिस्सा हैं जो अपनी तरह का सबसे बड़ा और जीवंत समुदाय है। यह विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के नागरिकों का समुदाय है। जाति, पंथ, भाषा और क्षेत्र के अलावा, हमारी अपने परिवार और कार्य-क्षेत्र से जुड़ी पहचान भी होती है। लेकिन हमारी एक पहचान ऐसी है जो इन सबसे ऊपर है, और हमारी वह पहचान है, भारत का नागरिक होना। हम सभी, समान रूप से, इस महान देश के नागरिक हैं। हम सब को समान अवसर और अधिकार उपलब्ध हैं तथा हमारे कर्तव्य भी समान हैं।"


गांधी ने देश की आत्मा को जगाया

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने गांधीजी का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति बोलीं- "गांधीजी और अन्य महानायकों ने भारत की आत्मा को फिर से जगाया और हमारी महान सभ्यता के मूल्यों का जन-जन में संचार किया, भारत के ज्लवंत उदाहरण का अनुसरण करते हुए हमारे स्वाधीनता संग्राम की आधारशिला सत्य और अहिंसा को पूरी दुनिया के अनेक राजनीतिक संघर्षों में सफलतापूर्वक अपनाया है।"

महिला सशक्तिकरण पर ये बोलीं

द्रौपदी मुर्मू ने कहा "आज महिलाएं हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। कुछ वर्ष पहले तक तो यह कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। देश में महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है। यह बहुत अच्छी बात है। महिलाओं का विकास देश के विकास से जुड़ा है।" मुर्मू ने कहा, "मैं सभी देशवासियों से आग्रह करती हूं कि वे महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दें। मैं चाहूंगी कि हमारी बहनें और बेटियां साहस के साथ, हर तरह की चुनौतियों का सामना करें और जीवन में आगे बढ़ें।"

आदिवासियों की स्थिति में आया सुधार

अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- 'आदिवासियों की स्थिति में सुधार लाने और उन्हें प्रगति की यात्रा में शामिल करने हेतु विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मैं अपने आदिवासी भाई-बहनों से अपील करती हूं कि आप सब अपनी परंपराओं को समृद्ध करते हुए आधुनिकता को अपनाएं। जरूरतमंदों की सहायता के लिए विभिन्न क्षेत्रों में पहल की गयी है तथा व्यापक स्तर पर कल्याणकारी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।'

G20 में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण

भारत ने अंतर-राष्ट्रीय मंचों पर अग्रणी स्थान बनाया है तथा G-20 देशों की अध्यक्षता का दायित्व भी संभाला है चूंकि G-20 समूह दुनिया की दो-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए यह हमारे लिए वैश्विक प्राथमिकताओं को सही दिशा में ले जाने का एक अद्वितीय अवसर है। G-20 की अध्यक्षता के माध्यम से भारत, व्यापार और वित्त के क्षेत्रों में हो रहे निर्णयों को न्याय-संगत प्रगति की ओर ले जाने में प्रयासरत है। व्यापार और वित्त के अलावा, मानव विकास से जुड़े विषय भी कार्य-सूची में शामिल किए गए हैं। ऐसे कई मुद्दे हैं जो पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण हैं और किसी भौगोलिक सीमा से बंधे हुए नहीं हैं। मुझे विश्वास है कि भारत के प्रभावी नेतृत्व के साथ, G-20 के सदस्य-देश उन मोर्चों पर उपयोगी कार्रवाई को आगे बढ़ाएंगे।

भारत की G-20 की अध्यक्षता में एक नई बात यह है कि diplomacy को जमीन से जोड़ा गया है। एक अंतर-राष्ट्रीय राजनयिक गतिविधि में लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी तरह का पहला अभियान चलाया गया है। उदाहरण के लिए, यह देखकर मुझे अच्छा लगा कि स्कूलों और कॉलेजों में G-20 से जुड़े विषयों पर आयोजित की जा रही गतिविधियों में विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। G-20 से जुड़े कार्यक्रमों के बारे में सभी नागरिकों में बहुत उत्साह देखने को मिल रहा है।

भाषण के अंत में शुभकामनाएं

फिर अंत में राष्ट्रपति ने कहा- "हमारा संविधान हमारा मार्गदर्शक दस्तावेज है। संविधान की प्रस्तावना में हमारे स्वाधीनता संग्राम के आदर्श समाहित हैं। आइए, हम अपने राष्ट्र निर्माताओं के सपनों को साकार करने के लिए सद्भाव और भाई-चारे की भावना के साथ आगे बढ़ें। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, मैं पुनः आप सब को, विशेष रूप से सीमाओं की रक्षा करने वाले सेना के जवानों, आंतरिक सुरक्षा प्रदान करने वाले सभी बलों एवं पुलिस के जवानों तथा दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों को बधाई देती हूँ। सभी प्यारे देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं!"