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भारत से प्यार है, यह सिर्फ देश नहीं बल्कि हमारा घर है… बेंगलुरु में रहने वाली रूसी महिला का दिल छू लेने वाला पोस्ट वायरल

बेंगलुरु में पिछले चार वर्षों से रह रही रूसी महिला याना का भारत प्रेम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अपने भावुक पोस्ट में उन्होंने बताया कि कैसे भारत सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए घर बन चुका है। भारतीय संस्कृति, लोगों की सादगी, अपनापन और रोजमर्रा की जिंदगी ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है।

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Russian Woman Living in Bengaluru Wins Hearts

रूसी परिवार ने भारत को अपना स्थायी घर बना लिया है। (Photo- yana.in.india @instagram)

दुनिया भर में भारत को एक विशाल, लोकतांत्रिक, विविधतापूर्ण और प्राचीन सभ्यता वाले देश के रूप में जाना जाता है। विदेशी भी यहां की समृद्ध संस्कृति, विभिन्न धर्मों, भाषाओं और अनूठी भौगोलिक विशेषताओं की वजह से बरबस आकर्षित हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही रूसी महिला याना के साथ हुआ। यही कारण है कि वे पिछले चार वर्षों से बेंगलुरु में रह रही हैं। भारत में बिताए अपने चार सालों की दिल छू लेने वाली कहानी उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं।

रूसी महिला याना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मैं पिछले चार वर्षों से भारत में रह रही हूं। जब मैं पहली बार यहां आई थी, तो सब कुछ नया था। शोर-शराबे वाली सड़कें, चमकीले रंग, मसालेदार खुशबू और ऐसी संस्कृति, जो मेरी पहले की जिंदगी से बिल्कुल अलग थी, यह आसान नहीं था। भारत शुरुआत में समझ में नहीं आया और यहां ढलने में समय लगा।”

उन्होंने आगे बताया कि भारत ने उन्हें खुद को पहचानने का मौका दिया। याना लिखती हैं, “भारत आपको दुलारता नहीं है, बल्कि आपको दिखाता है कि आप वास्तव में कौन हैं, कभी कठोरता से, तो कभी जादुई तरीके से। लेकिन जानते हैं क्या? मुझे इस देश से प्यार हो गया। यहां के लोगों से, परंपराओं से, रोजमर्रा की जिंदगी से और उस बदलाव से, जो मैंने खुद में महसूस किया। आज भारत मेरा घर है।”

याना बताती हैं कि वह अपनी बालकनी में बैठकर सुबह मसाला चाय की चुस्कियां लेती हैं, संस्कृत मंत्रों का अध्ययन करती हैं, मानसून की बारिश में नाचती हैं और अपने पालतू कुत्ते के साथ सड़कों पर टहलती हैं। उनके मुताबिक, यह ब्लॉग उनके लिए इस असाधारण जीवन को साझा करने का एक तरीका है, सच्चा, भावनाओं से भरा हुआ, खोजों और छोटी-छोटी खुशियों से सजा हुआ।

सचमुच भारत में बसाया घर

याना ने अपनी पोस्ट में लिखा, “हम एक रूसी परिवार हैं, जिसने भारत में रहने का फैसला किया है, पर्यटक के रूप में नहीं और न ही केवल कुछ समय के लिए, बल्कि सचमुच यहां घर बसाने के लिए। हम यहां रोजमर्रा की जिंदगी जीते हैं, बाजार जाते हैं, बच्चों को स्कूल भेजते हैं और आम लोगों की तरह जीवन का आनंद लेते हैं।”

उनका कहना है कि भारत ने उन्हें धीरे चलना सिखाया। यहां जिंदगी आपको दौड़ाती नहीं है। समय अलग तरह से बहता है और धीरे-धीरे आप बाहरी शोर के बजाय खुद की आवाज सुनने लगते हैं।

भिन्नताओं का सम्मान करना सिखाता है भारत

याना लिखती हैं कि वे भारत से उसके लोगों की वजह से प्यार करते हैं। उनकी खुली सोच, दयालुता और बिना किसी अपेक्षा के मदद करने की भावना के कारण। “यहां पड़ोसी एक-दूसरे को जानते हैं, दुकानदार आपका नाम याद रखते हैं और मुस्कान एक सार्वभौमिक भाषा है।”

वह आगे कहती हैं कि वे अपने बच्चों के लिए भी भारत से प्यार करते हैं। “यहां बड़ा होना उन्हें अनुकूलनशील, सजग और खुले विचारों वाला बनाता है। हम एक बहुसांस्कृतिक, बहुभाषी वातावरण में रहते हैं, जहां भिन्नताओं का सम्मान करना और साधारण चीजों की कद्र करना सिखाया जाता है।”

सचमुच में हम जी रहे हैं..

याना के मुताबिक, वे भारत की रोजमर्रा की जिंदगी की सादगी से प्यार करते हैं, कम दिखावा, ज्यादा अर्थ। साल भर ताजे फल, गर्म जलवायु, प्रकृति के करीब जीवन और परिवार के साथ बिताने के लिए ज्यादा समय। वह स्वीकार करती हैं कि भारत हमेशा आसान नहीं होता। यह शोरगुल भरा, अस्त-व्यस्त और कभी-कभी अपरिचित लग सकता है। “ लेकिन यहीं हमें सचमुच महसूस हुआ कि हम जी रहे हैं, केवल किसी तय कार्यक्रम का पालन नहीं कर रहे। हमारे रूसी परिवार के लिए भारत अब घर बन चुका है।”