
भारत और मालदीव विवाद कम होने बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच टैवल एंड टूरेरिज्म प्लेटफॉर्म एज माई ट्रीप के को-फाउंडर पर दोनों देशों के बीच राजनायिक संबंधों को भड़काने का आरोप लगा रहा है। अब इस मामले में उनकी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने अपने अपनी कंपनी के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि कुछ सोशल मीडिया पर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
[typography_font:14pt;" >फैसले को कुछ दे रहे राजनीतिक रूख
उन्होंने आगे कहा, "बाकी 5% लोग नाराज दिख रहे हैं, क्योंकि वे इसे राजनीतिक रूप से देख रहे हैं, और शायद यह उनकी राजनीतिक विचारधारा से मेल नहीं खा रहा है। शायद, हमने भी ऐसा ही किया होता, चाहे भारत में कोई भी सरकार शासन कर रही हो, जैसा कि अभी हुआ है।" अपने देश की गरिमा को बनाए रखने की भावना।"
मालदीव ने दी गीदड़ भभकी
बता दें कि दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ने के बाद मालदीव के राष्ट्रपति मुहम्मद मुइज्जू ने भारत को अपनी गीदड़ भभकी दी है। उन्होंने कहा कि भारत अपने सैनिकों को 15 मार्च मालदीव से हटा लें। मालदीव के राष्ट्रपति के प्रधान सचिव अब्दुल्ला नाज़िम इब्राहिम ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, "भारतीय सैन्यकर्मी मालदीव में नहीं रह सकते। यह राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और इस प्रशासन की नीति है।"
Updated on:
16 Jan 2024 03:57 pm
Published on:
16 Jan 2024 03:55 pm
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