
एक बिस्तर पर दो प्रसूताओं को रखने पर हाईकोर्ट का संज्ञान, कहा- यह मातृ स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़...(photo-patrika)
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) इन दिनों एक अहम याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें मौत की सजा पाए कैदियों को फांसी की जगह घातक इंजेक्शन से मौत चुनने का विकल्प देने की मांग की गई है। भारत सरकार इस पर राजी नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार समय के साथ बदलना नहीं चाहती। दुनिया के अलग-अलग देशों में मौत की सजा के अलग प्रावधान हैं।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के 2022 के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में दुनियाभर में कुल 1,153 लोगों को मृत्युदंड दिया गया, जो 2022 की तुलना में 31% अधिक थी। यह 2015 के बाद सबसे अधिक संख्या है, जब 1,634 फांसी दर्ज की गई थीं। इसमें चीन का डेटा शामिल नहीं हैं, वहां हजारों लोगों को गुप्त रूप से सजा दी जाती है। 2023 में मौत की सजा सुनाए जाने के मामलों में भी 20% की बढ़ोतरी हुई, और कुल संख्या 2,428 पहुंची।
दुनिया के 70% से ज्यादा देशों ने मृत्युदंड को समाप्त कर दिया है, जबकि 55 देश, जिनमें भारत, अमरीका, चीन और ज्यादातर इस्लामिक देश शामिल हैं, अब भी इसे लागू करते हैं। एमनेस्टी के अनुसार चीन, ईरान, सऊदी अरब, मिस्र और अमरीका उन देशों में हैं जहां सबसे अधिक फांसियां दी जाती हैं। उत्तर कोरिया में भी नियमित रूप से फांसी दी जाने की आशंका है, हालांकि इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका।
112 देशों ने मृत्युदंड पूरी तरह समाप्त कर दिया है। 2024 में कजाखस्तान, पापुआ न्यू गिनी, सिएरा लियोन और सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक ने इसे कानूनी रूप से खत्म किया। इक्वेटोरियल गिनी और जांबिया ने केवल गंभीर अपराधों तक इसे सीमित किया है। मलेशिया ने 2023 में 11 अपराधों के लिए अनिवार्य फांसी समाप्त की, जबकि घाना ने मृत्युदंड को पूरी तरह खत्म कर दिया।
Published on:
18 Oct 2025 07:04 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
