5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- जब डरना छोड़ देंगे तब अखंड होगा भारत, हम अहिंसा के पुजारी दुर्बलता के नहीं

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने आज कहा कि जब अखंड भारत की बात करते हैं तो लोग डर जाते हैं, और बोलते हैं कि कब होगा? उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें डरना छोड़ना होगा, जब डरना छोड़ देंगे तब भारत अखंड होगा।

2 min read
Google source verification

image

Abhishek Kumar Tripathi

Aug 14, 2022

india-will-be-united-when-you-stop-fearing-world-looks-towards-india-for-managing-diversity-rss-chief-mohan-bhagwat.jpg

RSS chief Mohan Bhagwat said- India will be united when we stop fearing, we are non-violence priests not of weakness

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार यानी आज स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विविधता के प्रबंधन के लिए दुनिया भारत की ओर देख रही है। जब विविधता को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने की बात आती है तो दुनिया भारत की ओर इशारा करती है। दुनिया अंतर्विरोधों से भरी है लेकिन भारत ने इसे संभाल कर रखा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी कई ऐतिहासिक घटनाएं हुई हैं जो हमें कभी नहीं बताई गई और न ही सही तरीके से सिखाई गई। उदाहरण के लिए जिस स्थान पर संस्कृत व्याकरण का जन्म हुआ वह भारत में नहीं है, क्या हमने कभी एक सवाल पूछा क्यों? इसके बाद RSS प्रमुख ने कहा कि यह मुख्य रूप से इसलिए है क्योंकि हम पहले अपने ज्ञान को भूल गए थे और बाद में विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारी भूमि पर कब्जा कर लिया, जो मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम क्षेत्र से आए हुए थे।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमने ही छोटे अहंकार की साजिश की और जात-पात की खाई बनाई। उन्होंने कहा कि भाषा, पहनावे, संस्कृतियों में हमारे बीच छोटे-छोटे अंतर हैं, लेकिन हमारे पास ऐसा दिमाग होना चाहिए जो बड़ी तस्वीर देखे और इन चीजों में न फंसे।


कार्यक्रम में संबोधन के दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जब अखंड भारत की बात करते हैं तो लोग डर जाते हैं, और बोलते हैं कि कब यह होगा? उन्होंने कहा कि भारत को बड़ा बनाना है तो डरना छोड़ना होगा। जब हम डरना छोड़ देंगे तब भारत अखंड होगा। भारत निश्चय ही अहिंसा का पुजारी है, लेकिन दुर्बलता का पुजारी नहीं है।


मोहन भागवत ने कहा कि हम अलग दिख सकते हैं, हम अलग-अलग चीजें खा सकते हैं लेकिन अस्तित्व में एकता है। आगे बढ़ना एक ऐसी चीज है जो दुनिया भारत से सीख सकती है, दुनिया में उत्कृष्टता की एक कीमत होती है। हमें भाषा, पहनावे, संस्कृति में छोटे-छोटे अंतर में नहीं फंसना चाहिए। सभी जातियों के लोग अपने हैं, हमें ऐसा ही स्नेह रखने की जरूरत है।


कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने RSS का नाम लिए बिना देशद्रोही संगठन बचा चुके हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था कि इतिहास गवाह है, 'हर घर तिरंगा' मुहीम चलाने वाले, उस देशद्रोही संगठन से निकले हैं, जिन्होंने 52 सालों तक तिरंगा नहीं फहराया। आज़ादी की लड़ाई से ये कांग्रेस पार्टी को तब भी नहीं रोक पाए और आज भी नहीं रोक पाएंगे।

यह भी पढ़ें: RSS और मोहन भागवत ने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगाई तिरंगे की तस्वीर