
Indian Air Force Day 2021
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ( Indian Air Force Day 2021 )आज अपना 89वां स्थापना दिवस मना रहा है। भारतीय वायुसेना दुनिया की सबसे ताकतवर वायुसेनाओं में से एक है। वायु सेना ने कई बार अपने शौर्य और पराक्रम से भारत को गौरवान्वित किया है।
आजादी के 75 सालों में भारतीय वायुसेना की ताकत में दिन दूनी और रात चौगुनी बढ़ोत्तरी हुई है। वायुसीमा की सुरक्षा और विषम परिस्थितियों में हालात को संभालने की जिम्मेदारी भी भारतीय वायुसेना के जांबाजों ने बखूबी निभाई है। 500 किमी की रफ्तार से दुश्मन को कर दे तबाह, जिनकी रफ्तार से दुनिया खाती है खौफ भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हैं ऐसे ही ताकतवर विमान।
8 अक्तूबर 1932 को वायुसेना की स्थापना की गई थी । देश आजाद होने से पहले वायुसेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स (आरआईएएफ) कहा जाता था। आजादी के बाद वायुसेना के नाम में से 'रॉयल' शब्द को हटाकर 'इंडियन एयरफोर्स' कर दिया गया।
इंडियन एयर फोर्स में करीब 1,40,000 कर्मचारी काम करते हैं और इसके पास 1,820 एक्टिव एयरक्राफ्ट हैं। वायु सेना के पास देश की रक्षा के लिए कई लड़ाकू विमान हैं, जिनमें रफाल, 'सुखोई एसयू-30 एमकेआई', 'मिराज-2000', तेजस एलसीए प्रमुख रूप से शामिल हैं। जानते हैं इनकी ताकत
युद्ध का नक्शा बदल देने वाली मिसाइल से लैस रफाल
भारती वायुसेना के बेड़े में हाल में शामिल हुए रफाल विमान में आधुनिक हथियारों से लैस एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। यह एक 4.5 जेनरेशन वाला लड़ाकू विमान है।
रफाल लड़ाकू विमानों में 74 किलो न्यूटन के थ्रस्ट वाले दो एम88-3 साफ्रान इंजिन दिए गए हैं। ये फाइटर जेट एक-दूसरे की उड़ान के दौरान मदद कर सकते हैं। विमान में स्कैल्प क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किय गया है। ये करीब 500 किमी की दूरी तक दुश्मन को तबाह करने में सक्षम है। इसी वजह से इसे युद्ध का नक्शा बदलने वाली मिसाइल कहा जाता है।
रफाल करीब 2,222.6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है।
सुखोई-30 MKI की रफ्तार से दुश्न को आता है बुखार
रफ्तार के मामले में सुखोई-30MKI से दुनिया खौफ खाती है। रूसी ओरिजिन की यह ट्वीन सीटर फाइटर जेट One X 30mm GSH गन से लैस है। इसके अलावा यह फाइटर जेट 8,000 किलो वजन तक के युद्ध सामग्री के साथ उड़ान भर सकती है।
इस फाइटर जेट में सेमी-एक्टिव रडार वाले मीडियम रेंज के एयर टू एयर मिसाइल्स और क्लोज रेंज मिसाइल्स के साथ उड़ान भरने की क्षमता है। इसी अधिकतम स्पीड 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की है।
मिराज-2000
रफ्तार के मामले में मिराज भी कम नहीं है। ये 2,336 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत ज्यादा मात्रा में गोला बारूद स्टोर करना है। डबल इंजन वाला ये विमान 13,800 किलो गोला बारूद ले जाने में सक्षम है।
चौथी पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान ने करगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। इस लड़ाकू विमान का इस्तेमाल 9 देशों की सेनाएं करती हैं।
सबसे तेज 'तेजस'
यह विमान आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े की रीढ़ बनने जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत कम वजन में ज्यादा क्षमता है। एलसीए-तेजस में बड़ी संख्या में नई प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
तेजस में लगा मुख्य सेंसर 'तरंग रडार' पायलट को दुश्मन जेट्स या जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल के बारे में बताता है। यह सेंसर भी भारत में बना है। तेजस लड़ाकू विमान का नामांकरण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था, जिसका अर्थ होता है सबसे तेज।
मिग-21 बाइसन से अभिनंदन ने मार गिराया था पाकिस्तानी F-16
रूसी ओरिजिन की यह सिंगल इंजन, सिंगल सीटर मल्टीरोल फाइटर/ग्रांउट अटैक एयरक्राफ्ट है। इंडियन एयरफोर्स के लिए यह बैकबोन के तौर पर काम करती है।
इसकी अधिकतम स्पीड 2,230 किलोमीटर प्रति घंटा है। मिग-21 बाइसन 23mm ट्वीन बैरल कैनन और R-60 क्लोज कॉम्बैट मिसाइल के साथ उड़ान भर सकती है।
मिग-21 बाइसन वही लड़ाकू विमान है, जिसके जरिए बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराया था। मिग- 21 एविएशन के इतिहास में अबतक का सबसे अधिक संख्या में बनाया गया सुपरसोनिक फाइटर जेट है।
Published on:
08 Oct 2021 11:02 am
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