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पिछले 5 साल में 52 देशों ने 17 हजार से ज्यादा भारतीयों को किया डिपोर्ट, सामने आई रिपोर्ट

2021–2025 के बीच 52 देशों ने कुल 17,150 भारतीयों को डिपोर्ट किया, जिसमें 2023 में सबसे ज्यादा और 2024 में गिरावट देखी गई।

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भारत

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Devika Chatraj

May 19, 2026

Deportation

52 देशों ने 17 हजार से ज्यादा भारतीयों को किया डिपोर्ट (AI)

पिछले पांच सालों (2021 से 2025) के बीच विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के डिपोर्टेशन के मामलों में बड़ा आंकड़ा सामने आया है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में 52 देशों ने कुल 17,150 भारतीयों को वापस भारत भेजा है। यह आंकड़े बताते हैं कि विदेशों में भारतीयों के डिपोर्टेशन का ट्रेंड लगातार बदल रहा है।

2021 से 2025 तक डिपोर्टेशन का सालाना ट्रेंड

सरकारी डेटा के अनुसार पिछले पांच सालों में डिपोर्टेशन के आंकड़े इस प्रकार रहे-

  • 2021: 27,163 भारतीय (24 देश)
  • 2022: 40,990 भारतीय (29 देश)
  • 2023: 45,006 भारतीय (32 देश)
  • 2024: 25,603 भारतीय (38 देश)
  • 2025: 32,388 भारतीय (42 देश)

आंकड़ों से साफ है कि 2023 में डिपोर्टेशन अपने चरम पर पहुंच गया, जबकि 2024 में इसमें गिरावट दर्ज की गई। हालांकि 2025 में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिली।

2025 में कितना बढ़ा डिपोर्टेशन का दबाव?

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में विदेशों में रह रहे प्रति दस लाख भारतीयों में लगभग 900 लोगों को डिपोर्ट किया गया। इसी साल दुनिया भर में करीब 3.54 करोड़ भारतीय विदेशों में रह रहे थे। डिपोर्टेशन के मामलों में सबसे बड़ा हिस्सा अभी भी पश्चिम एशिया से आता है, लेकिन इसमें धीरे-धीरे कमी दर्ज की जा रही है।

  • पश्चिम एशिया: 93.7% (2023) → 73.2% (2025)
  • उत्तर अमेरिका: 1.7% → 12.5% (तेजी से बढ़ोतरी)
  • दक्षिण-पूर्व एशिया: 2.9% → 10.2%
  • यूरोप: 0.8% → 2.2%
  • अन्य क्षेत्र: 0.9% → 1.8%

साफ है कि अब डिपोर्टेशन सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी इसका असर बढ़ रहा है।

किन देशों से सबसे ज्यादा डिपोर्टेशन?

  • सऊदी अरब: 82.3% (2021) → 40.9% (2025)
  • यूएई: 4.5% → 29.5% (तेजी से वृद्धि)
  • अमेरिका: 3.2% → 11.8%
  • मलेशिया: 5.3% → 5.2% (स्थिर)
  • म्यांमार: 0% → 5.0%
  • कतर: 3.0% → 2.5%

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