
केंद्रीय वित्त मंत्रालय (File Photo - IANS)
Finance Ministry on Gold Monetisation Scheme: केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने उन रिपोर्टों और सोशल मीडिया दावों को पूरी तरह झूठा, भ्रामक और बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि सरकार देश के मंदिरों, ट्रस्टों और धार्मिक संस्थानों के लिए गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम शुरू करने की योजना बना रही है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए स्पष्ट किया कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे गलत हैं। इन दावों में यह भी कहा गया था कि केंद्र सरकार मंदिरों के सोने के भंडार के बदले उन्हें गोल्ड बॉन्ड जारी करने की योजना बना रही है या फिर मंदिरों के सोने के भंडार को मॉनेटाइज करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
इसके अलावा, सरकार ने उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि मंदिरों के शिखरों, दरवाजों या अन्य संरचनाओं पर लगी सोने की प्लेटों को ‘स्ट्रैटेजिक गोल्ड रिजर्व ऑफ इंडिया’ के रूप में माना जाएगा।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे फैलाएं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि बिना पुष्टि वाली जानकारी के प्रसार से अनावश्यक भ्रम उत्पन्न हो सकता है और जनता गुमराह हो सकती है।
सरकार ने यह भी सलाह दी है कि नीतिगत निर्णयों और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक और अधिकृत स्रोतों पर ही भरोसा किया जाए। ऐसी किसी भी नीति घोषणा की जानकारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी वेबसाइटों और सत्यापित सार्वजनिक संचार माध्यमों के जरिए ही दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर हाल ही में देशवासियों से अपील की थी कि वे पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें, खाने के तेल का सीमित उपयोग करें, एक वर्ष तक सोने की खरीद से बचें, रासायनिक उर्वरकों का उपयोग घटाएं और विदेश यात्राओं से परहेज करें।
उनका कहना है कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और चालू खाते का घाटा कम करने में मदद मिलेगी, जिससे रुपये पर दबाव भी घटेगा। वर्तमान में रुपए में इस वर्ष काफी गिरावट दर्ज की गई है और यह एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में शामिल है।
Published on:
19 May 2026 11:23 am
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