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भारतीय रेलवे इस शताब्दी एक्सप्रेस में लगाइगी विस्टाडोम कोच, जानिए इन कोच में क्या होता है खास

भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देने के लिए शताब्दी एक्सप्रेस में विस्टाडोम कोच लगाने जा रही है। रेलवे अभी परीक्षण करने के लिए 11 अप्रैल से 10 मई तक एक विस्टाडोम कोच लगा रही है। विस्टाडोम कोच में कई विशेषताएं हैं जो यात्रियों को यात्रा के दौरान बेहतर एक्सपीरियंस देंगी।

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भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयाश करती रहती है। इसी दिशा में अब पश्चिम रेलवे जोन (WR) 11 अप्रैल से ट्रेन नंबर 12009/10 मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर राजधानी शताब्दी एक्सप्रेस पर विस्टाडोम कोच लगा रही है।

पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन नंबर 12009/10 मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर राजधानी शताब्दी एक्सप्रेस में परीक्षण करने के लिए 11 अप्रैल से 10 मई तक एक विस्टाडोम कोच को जोड़ा जा रहा है। विस्टाडोम कोच में 44 यात्री सफर कर सकते हैं।


विस्टाडोम कोच में सफर करने के लिए ट्रेन नंबर 02009/02010 में करें बुकिंग

विस्टाडोम कोच वाली शताब्दी एक्सप्रेस को नई ट्रेन नंबर 02009/02010 दिया गया है। यात्री इस नंबर की ट्रेन में बुकिंग करके विस्टाडोम कोच में सफर कर पाएंगे। इसकी बुकिंग 9 अप्रैल 2022 से शुरू होगी।


विस्टाडोम कोच की खासियत

विस्टाडोम कोच की खासियत यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इसमें रूफटॉप ग्लास लगा हुआ होता है जिसमें यात्री 260 डिग्री तक आसमान, पुल, सुरंग, पहाड़ व हरे-भरे जंगल देख सकते हैं। इसके कोच में वाई-फाई पर आधारित सूचना प्रणाली लगी होती है जिसमें यात्री आने वाले स्टेशन के बारे में जान सकता है। इसमें लगी सीटें 180 डिग्री तक घूम सकती है। इसके साथ ही रूफटॉप्स में एंटी-ग्लेयर स्क्रीन भी होती है।

विस्टाडोम कोच का निर्माण चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा एलएचबी लिंके-हॉफमैन-बुश प्लेटफॉर्म/टेक्नोलॉजी द्वारा बनाया गया है।