
वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीयों का सेविंग और वित्तीय देनदारियां, दोनों बढ़ीं (प्रतीकात्मक फोटो)
भारत में वित्त वर्ष 2023-24 में लोगों का खर्च 5.6% बढक़र 104 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया तो वहीं सकल आय सालाना आधार पर 9% बढक़र 54.61 लाख करोड़ रुपए रही, हालांकि इस दौरान परिवारों की वित्तीय देनदारी (कर्ज) भी 17.7% बढक़र 18.79 करोड़ रुपए हो गया, जबकि भारतीय परिवारों की शुद्ध बचत भी 16.6% बढक़र 15.52 लाख करोड़ रुपए रही। सांख्यिीकी मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान लोगों का सबसे ज्यादा खर्च शराब, तंबाकू और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा। इन दोनों श्रेणियों में खर्च में बीते 12 वर्षों की सबसे तेजी से बढ़ा।
आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय परिवारों की ओर से शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों पर किया गया खर्च 15.7% बढ़ा, वर्ष 2022-23 में यह बढ़त सिर्फ 1.6% थी। इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में यह खर्च 17.4% बढ़ा, जबकि 2022-23 में यह वृद्धि 7.2% थी। दूसरी ओर, खाने और गैर-शराबीय पेय पदार्थों पर खर्च में केवल 0.5% की मामूली बढ़त दर्ज की गई।
वहीं, वर्ष 2023-24 में कपड़े और जूतों पर खर्च में गिरावट देखने को मिली। रेस्तरां और होटल्स पर खर्च 18.1% बढ़ा, हालांकि यह 2022-23 की 68.7% की तेज़ वृद्धि की तुलना में काफी कम है। इसके साथ ही मनोरंजन और सांस्कृतिक आयोजनों पर खर्च में 4.1% की गिरावट देखी गई। कुल मिलाकर 2023-24 में रियल टाइम में घरेलू उपभोग खर्च सिर्फ 5.6% बढ़ा, जो 2002-23 में यह 7.9% बढ़ा था।
Updated on:
21 May 2025 10:24 am
Published on:
21 May 2025 07:58 am
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