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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि प्रदेश प्रशासन भारी बिजली ऋण बिल का भुगतान करने में सक्षम रहा है तथा केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को अन्य राज्यों और प्रदेशों की तुलना में सस्ती बिजली मिलती रहेगी। सिन्हा ने डल झील के तट पर एसकेआईसीसी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन को विरासत के रूप में 28000 करोड़ रुपए का भारी बिजली ऋण मिला था।
उन्होंने कहा कि “हम इसे चुकाने में सक्षम रहे। मैं यह भी रिकॉर्ड में रखना चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को सबसे सस्ती बिजली मिल रही है और पिछले तीन वर्षों में बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। लोगों को उन सरकारी सेवाओं के लिए भुगतान करना होगा जिनका वे लाभ उठाते हैं। हमारे साथ सहयोग करना चाहिए और उपयोग की जाने वाली बिजली के लिए भुगतान करना चाहिए ताकि हम उनके लिए हर समय बिजली सुनिश्चित कर सकें।” बिजली चोरी रोकने के लिए मीटरिंग एक सफल कदम रहा है।
संसद में पारित केंद्र शासित प्रदेश के बजट के बारे में बोलते हुए सिन्हा ने कहा कि आवंटन में वृद्धि जम्मू-कश्मीर के विकास के प्रति केंद्र की गंभीरता को दर्शाती है। 23 जुलाई को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में जम्मू-कश्मीर के लिए 1,18,390 रुपए का बजट पेश किया था। मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन सभी क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि हम सभी क्षेत्रों को जबरदस्त बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, चाहे वह कृषि हो, बागवानी, बिजली या बुनियादी ढांचा आदि हो।” एलजी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सफलतापूर्वक जेएंडके बैंक को भारी कर्ज से बाहर निकालना सुनिश्चित किया है और इसे प्रदेश का लाभ कमाने वाला वित्तीय संस्थान बना दिया है।
Published on:
12 Aug 2024 05:26 pm
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