Inter Caste Marriage शादी जैसे पवित्र बंधन को लेकर सरकार की ओर से लगातार कई तरह की योजनाएं चलाई जाती है। इसी तरह की एक योजना जिसमें अंतरजातीय विवाह के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रोत्साहन के तौर पर कपल के ढाई लाख रुपए दिए जाते हैं।
आप भी शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल अंतरजातीय विवाह को लेकर सरकार प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए बकायदा एक योजना भी चलाई जा रही है। इस योजना के तहत इंटर कास्ट मैरिज करने वाले कपल को ढाई लाख रुपए तक दिए जा रहे हैं। ये योजना बिहार सरकार की ओर से चलाई जा रही है। नीतीश सरकार अंतरजातीय विवाह के लिए युवक और युवतियों को प्रोत्साहित कर रही है। जिसमें नवदंपति बिहार सरकार से 2.5 लाख रुपये तक पा सकते हैं। इस योजना को डॉक्टर अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटर कास्ट मैरिज के नाम से भी जाना जाता है।
शादी के लिए बिहार सरकार से पैसे पाने की इस योजना का नाम है 'बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना'। आपको बता दें कि कि आखिर बिहार अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ कैसे लिया जा सकता है।
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ये होना चाहिए पात्रता
- योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को बिहार का स्थाई निवासी होना जरूरी है।
- विवाहित जोड़े में से कोई भी एक अनुसुचित जाति से हो और दूसरा गैर अनुसुचित जाति का हो
- विवाह हिन्दू मैरिज एक्ट 1955 के तहत विवाह रजिस्टर्ड होना चाहिए।
- योजना का लाभ लेने के लिए विवाह का पंजीकरण होना अनिवार्य है।
- शादी होने का एफिडेविट भी जमा कराना जरूरी है।
- पहली बार शादी करने वाले ही कर सकते हैं आवेदन
- शादी के बाद एक साल के अन्दर ही आवेदन जरूरी
इस बात का भी रखना होगा ध्यान
विवाह हिन्दू मैरिज एक्ट 1955 के अलावा किसी दूसरे एक्ट के अंतर्गत रजिस्टर्ड है तो इसके लिए आवेदक को एक अलग से सर्टिफिकेट देना होगा।
ये दस्तावेज जरूरी
- दूल्हा-दुल्हन का आधार कार्ड
- आय प्रमाण पत्र
- मैरिज सर्टिफिकेट
- मैरिज कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- शादी की फोटो
- राशन कार्ड
- मोबाईल नंबर
- पासपोर्ट साईज फोटो
- बैंक खाता विवरण
ऐसे करें आवेदन
- Inter Cast Marriage Yojana पर सिर्फ ऑफलाइन ही आवेदन किया जा सकता है।
- योजना का फॉर्म डाउनलोड करके उसक प्रिंट आउट निकाल लें।
- एप्लीकेशन फार्म में पूछी गई जानकारियां जैसे नाम, पता, आदि ध्यानपूर्वक भरें।
- अपने सभी दस्तावेजों को फॉर्म के साथ संलग्न करें।
योजना का मकसद
सरकार जातीय बंधन को खत्म करने के लिए अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करना चाहती है। इस योजना को डॉक्टर अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटर कास्ट मैरिज के नाम से भी जाना जाता है।
इस योजना में लाभार्थी को कुल 2.50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। अगर लाभार्थी की ओर से गलत जानकारी दी गई हो तो, बाद में सरकार प्रोत्साहन राशि वापस भी ले लेती है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को प्री स्टांपेड रिसिप्ट जमा करवाना अनिवार्य है।
पहले मिलते हैं 1.50 लाख रुपए
इस योजना में सबसे पहले आवेदक को 1.50 लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस राशि को RTGS या NEFT के जरिए खाते में जमा किया जाता है। बाकी एक लाख रुपए की एफडी तीन साल के लिए कर दी जाती है। जो तीन साल बाद ब्याज समेत प्रदान की जाती है।
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