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लद्दाख-हरिद्वार समेत ‘Yoga Day 2026’ के लिए 12 स्थानों का चयन, कोलकाता से पीएम मोदी देंगे खास संदेश

International Yoga Day 2026: इंटरनेशनल योगा डे 2026 पर देशभर की 12 प्रतिष्ठित जगहों पर विशेष आयोजन होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता से कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे और देशवासियों को योग का संदेश देंगे।

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भारत

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Saurabh Mall

Jun 19, 2026

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योगा डे 2026: कोलकाता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों को संबोधित करेंगे (इमेज सोर्स: आईएएनएस)

International Yoga Day Celebration: भारत में योग एक प्राचीन परंपरा है। आज योग पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो चुका है। 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को इस बार खास और भव्य बनाने की तैयारी की गई है। इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ रखी गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम का मुख्य आयोजन कोलकाता में होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों को संबोधित करेंगे और योग सत्र का नेतृत्व करेंगे।

देशभर के 12 प्रतिष्ठित स्थलों पर होगा सामूहिक योग

आयुष मंत्रालय ने योग दिवस 2026 के लिए देश के 12 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों का चयन किया है। इनमें दिल्ली का लाल किला, हरिद्वार की हर की पौड़ी, ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर, कर्नाटक का हम्पी, लद्दाख का लेह पैलेस, तमिलनाडु का शोर मंदिर, उत्तर प्रदेश का सारनाथ, असम का कांचरी किला, हैदराबाद का चारमीनार परिसर, मुंबई का गेटवे ऑफ इंडिया, बिहार का नालंदा महाविहार और अहमदाबाद का साबरमती रिवरफ्रंट शामिल हैं।

21 जून को इन सभी स्थानों पर एक साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल का आयोजन होगा, जिससे देशभर के लोग एक ही समय में योग से जुड़ सकेंगे।

विरासत और स्वास्थ्य को जोड़ने की अनोखी पहल

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव के अनुसार, इन स्थलों का चयन केवल उनकी ऐतिहासिक पहचान के कारण नहीं किया गया है, बल्कि इसलिए भी किया गया है कि वे भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। लाल किला, चारमीनार और गेटवे ऑफ इंडिया भारत के इतिहास की कहानी बताते हैं, जबकि कोणार्क सूर्य मंदिर और महाबलीपुरम का शोर मंदिर देश की अद्भुत वास्तुकला को दर्शाते हैं।

वहीं सारनाथ और नालंदा भारत की ज्ञान और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक हैं। हर की पौड़ी और साबरमती रिवरफ्रंट आध्यात्मिकता और सामुदायिक जीवन की मिसाल हैं। सरकार का मानना है कि यह आयोजन योग को भारत की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए स्वस्थ जीवन का संदेश पूरे देश और दुनिया तक पहुंचाएगा।

बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचेंगे और उनका पहला कार्यक्रम हुगली जिले के तारकेश्वर में होगा, जो कोलकाता से करीब 62 किलोमीटर दूर स्थित है। यहीं से प्रधानमंत्री 'पश्चिम बंग दिवस' समारोह में शामिल होकर कई केंद्रीय योजनाओं का शुभारंभ और विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।