
अभिषेक बनर्जी। (फोटो- IANS)
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने 20 बागी टीएमसी सांसदों को अयोग्य ठहरने की मांग की है।
दिल्ली में लोकसभा स्पीकर से मिलने के बाद उन्होंने मीडिया के सामने सब कुछ खुलकर बताया। उन्होंने साफ कहा कि बागी सांसद अकेले किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा करते हैं तो उन्हें अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा- मैंने स्पीकर के पास 20 बागी सांसदों की अयोग्यता के लिए 20 याचिकाएं दाखिल की हैं। एक याचिका 21 पन्नों का है। जिसमें हमारी सारी मांगें शामिल हैं।
अभिषेक बनर्जी ने कहा- अगर कोई सांसद मेरे बयान को आपत्तिजनक मानता है तो मेरे खिलाफ केस दर्ज कराए। मैं कोर्ट में अपना पक्ष साबित कर दूंगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि धमकियों और करोड़ों रुपये का लालच देकर लोगों को तोड़ा जा रहा है। जनता की उम्मीदों के साथ धोखा किया जा रहा है।
अभिषेक बनर्जी ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा- राजनीति में जीत-हार लगी रहती है। लेकिन अगर कोई कहे कि मैं लड़ाई नहीं लड़ूंगा, घर से बाहर नहीं निकलूंगा, भाजपा के खिलाफ नहीं लड़ूंगा, तो भाजपा से हाथ मिलाकर अपना विवेक बेच दूंगा- ऐसी राजनीति करने वालों को बंगाल में कोई जगह नहीं है।
अभिषेक ने दावा किया कि पिछले डेढ़ महीने में न सिर्फ बंगाल बल्कि महाराष्ट्र में भी पार्टियों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा- कोई लेवल प्लेइंग फील्ड नहीं है। वे संविधान बदलना चाहते हैं। जनता पर भरोसा नहीं है उन्हें।
उन्होंने कहा- वे जानते हैं कि अगर सच्चे लोकतंत्र के साथ वोटिंग हुई तो भाजपा कभी नहीं जीत सकती। इसलिए चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई और हर एजेंसी का इस्तेमाल करके जनादेश को हेराफेरी की जा रही है।
अभिषेक बनर्जी ने अपनी परेशानियों का जिक्र करते हुए बताया- पिछले कुछ दिनों में मुझे सीआईडी से पांच समन मिले। तीन बार मैंने हाजिरी दी। ईडी के सामने भी पेश हुआ। मेरे घर दो बार छापा पड़ा। ममता बनर्जी के घर पर भी छापा पड़ा।
स्पीकर से मुलाकात के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा- हमने अपना पक्ष रखा और अनुरोध किया कि जल्द कार्रवाई हो, दोनों पक्षों को सुना जाए। संविधान और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के मुताबिक बात उनके खिलाफ है। या तो संविधान गलत है या वे गलत हैं। दोनों में से एक तो गलत होना ही चाहिए।
उन्होंने कहा- हम स्पीकर के फैसले और उनकी मर्जी पर छोड़ते हैं। उन्होंने कहा है कि स्पीकर इस मामले में दूसरी पक्ष को भी सुनेंगे और फिर हमें बुलाएंगे। उम्मीद है कि संवैधानिक प्रावधानों को देखते हुए लोकसभा स्पीकर संविधान के अनुसार ही काम करेंगे, उसे कमजोर नहीं करेंगे।
Updated on:
19 Jun 2026 07:18 pm
Published on:
19 Jun 2026 07:17 pm
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