
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar
Election Commissioner Gyanesh Kumar: चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की तरफ से लगातार हाई लेवल मीटिंग की जा रही है। बुधवार को चुनाव आयोग की एक अहम समीक्षा बैठक अचानक तनावपूर्ण माहौल में बदल गई। यह बैठक वर्चुअल माध्यम से हो रही थी और इसमें आयोग के सभी शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। लेकिन चर्चा के बीच ऐसा कुछ हुआ, जिसने सबको चौंका दिया। दरअसल, कूचबिहार साउथ के जनरल ऑब्जर्वर अनुराग यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की एक टिप्पणी पर आपत्ति जता दी। बात यहीं तक रहती तो ठीक था, लेकिन देखते ही देखते माहौल गरमा गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए यादव से “घर वापस जाने” तक की बात कह दी। इस पर यादव भी चुप नहीं रहे। उन्होंने साफ शब्दों में जवाब दिया कि “हमारे साथ इस तरह बात नहीं की जा सकती, हमने 25 साल सेवा दी है।”
कुछ पल के लिए बैठक में सन्नाटा छा गया। बाकी अधिकारी भी इस टकराव को देख कर हैरान रह गए। हालांकि थोड़ी देर बाद बैठक फिर सामान्य मुद्दों पर लौट आई, लेकिन इस घटना का असर तुरंत देखने को मिला।
बैठक खत्म होते ही चुनाव आयोग ने अनुराग यादव को उनके पद से हटा दिया। हालांकि आयोग के सूत्रों ने साफ किया कि यह कार्रवाई उनके विरोध की वजह से नहीं, बल्कि “काम में कमी” के कारण की गई है। बताया गया कि बैठक के दौरान जब उनसे उनके क्षेत्र में मतदान केंद्रों की संख्या जैसी बुनियादी जानकारी पूछी गई, तो वे सही जवाब नहीं दे पाए। इस पर सीईसी ने नाराजगी जताई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पर कहा कि ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी बेहद अहम होती है। अगर कोई अधिकारी कई दिनों तक क्षेत्र में रहने के बाद भी मतदान केंद्रों की सही जानकारी नहीं दे पाता, तो यह गंभीर चिंता की बात है।
बैठक में कूचबिहार के संवेदनशील मतदान केंद्रों का मुद्दा भी उठा। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने ऐसे इलाकों में एहतियाती कदम उठाने की बात कही। इनमें जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करने का सुझाव भी शामिल था। इसके अलावा, राज्य के मुख्य सचिव ने हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, ताकि हर मतदान केंद्र पर जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
Published on:
09 Apr 2026 09:13 am
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