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Amazon पर ईरान का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! बहरीन स्थित डेटा सेंटर पर भीषण हमला, क्या अब ठप हो जाएगा इंटरनेट?

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब साइबर और फिजिकल वॉरफेयर के खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। बहरीन में Amazon (AWS) के डेटा सेंटर पर ईरान के कथित हमले के बाद अफरा-तफरी मच गई है।

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Iran Attacks Amazon

Iran Attacks Amazon

Iran Attacks Amazon: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेज़न के बहरीन स्थित डेटा सेंटर पर हमला कर दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स (FT) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी ड्रोन हमले से अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के ऑपरेशंस प्रभावित हुए हैं। हालांकि यह डेटा सेंटर सीधे निशाने पर नहीं था, लेकिन आसपास हुए ड्रोन स्ट्राइक के कारण आग और बिजली व्यवस्था बाधित हुई। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि एक कंपनी की सुविधा में आग लगी है और सिविल डिफेंस इसे बुझाने में जुटी है।

ईरान ने पहले दी थी चेतावनी

ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाएगा। ईरानी मीडिया के अनुसार, बहरीन का यह डेटा सेंटर अमेरिकी सैन्य और खुफिया गतिविधियों को सपोर्ट करने के कारण टारगेट किया गया। ईरान ने मेटा, गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी 18 बड़ी अमेरिकी कंपनियों के डेटाबेस पर हमले की धमकी दी है।

AWS पर क्या असर पड़ा?

अमेज़न वेब सर्विसेज दुनिया की सबसे बड़ी क्लाउड कंपनियों में शामिल है। इसके बहरीन रीजन में सर्विस डिसरप्शन की पुष्टि अमेजन ने भी की है। ड्रोन हमले से स्ट्रक्चरल डैमेज, पावर सप्लाई बाधित हुई और फायर सप्रेशन सिस्टम से पानी का नुकसान भी हुआ। इससे बैंकिंग, पेमेंट, डिलीवरी ऐप्स और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर सेवाएं प्रभावित हुईं। AWS भारत समेत कई देशों में इस्तेमाल होता है, इसलिए वैश्विक स्तर पर सर्विस ठप होने का खतरा है।

यह दूसरी बार है जब इस महीने बहरीन में AWS प्रभावित हुआ। मार्च की शुरुआत में यूएई में दो और बहरीन में एक सुविधा पर ड्रोन हमले हुए थे, जिनमें दो डेटा सेंटर सीधे प्रभावित हुए। ईरान का दावा है कि ये केंद्र दुश्मन की सैन्य गतिविधियों में सहयोग कर रहे थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी थी धमकी

यह हमला अमेरिका-ईरान तनाव और मध्य पूर्व युद्ध का हिस्सा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अमेरिकी कंपनियों या इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई हमला हुआ तो सैन्य और आर्थिक दोनों स्तर पर सख्त जवाब दिया जाएगा। ईरान डेटा सेंटरों को नए युद्धक्षेत्र के रूप में देख रहा है, क्योंकि ये क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए महत्वपूर्ण हैं।