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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu Kashmir ) में टारगेट किलिंग ( Target Killing ) की बढ़ती घटनाओं के बाद सुरक्षाबलों का एक्शन प्लान शुरू हो गया है। अल्पसंख्यकों पर आतंकी हमले के मामले सामने आने के बाद सुरक्षाबलों ( Security Forces ) ने बड़ी कार्रवाई की है।
घाटी में कुछ पत्थरबाजों और भारत विरोधी तत्वों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। अकेले श्रीनगर में ही 70 युवाओं को हिरासत में लिया गया है, जबकि कश्मीर करीब 570 लोग हिरासत में लिए गए हैं।
जम्मू कश्मीर में बीते एक हफ्ते में 7 लोगों की हत्या की वारदात सामने आने के बाद घाटी में सरकार सख्त नजर आ रही है। यही वजह है कि सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। इसके चलते पूरे कश्मीर में 570 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इन लोगों से पूछताछ के साथ तारों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
घाटी में एक सप्ताह में 7 निर्दोष नागरिकों को 'लक्ष्य बनाकर हत्या' ( Target Killing ) किए जाने के बाद दिल्ली से लेकर श्रीनगर तक सरकार एक्शन मोड में है। गृहमंत्री अमित शाह ने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के बाद शनिवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी चर्चा की है।
इस मुलाकात के बाद गृह मंत्रालय ने देश की सुरक्षा एजेंसियों के टॉप एक्सपर्ट को कश्मीर भेज दिया है।
आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑलआउट को गति देने की तैयारी है। अब निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सुरक्षाबलों की ओर से आने वाले दिनों में देखने को मिल सकती है।
अब तक मारे गए 25 निर्दोष नागरिक
घाटी में अलग-अलग आतंकी घटनाओं में अब तक कम से कम 25 निर्दोष नागरिक मारे गए हैं। इन 25 में से तीन गैर-स्थानीय थे, दो कश्मीरी पंडित थे और 18 मुसलमान थे।
सबसे ज्यादा हमले श्रीनगर में हुए, जहां पर 10 ऐसी घटनाएं हुईं। इसके बाद पुलवामा और अनंतनाग में चार-चार घटनाएं सामने आई हैं।
इनपुट्स से पता चल रहा है कि अल्पसंख्यक दहशत की स्थिति में हैं। यही वजह है कि कुछ कश्मीरी पंड़ितों ने पलायन भी शुरू कर दिया है। ये कश्मीर से जम्मू की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से ज्यादातर परिवारों के पास जम्मू में आवास हैं।
Published on:
10 Oct 2021 09:32 am

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