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जनता में जेनरिक दवाओं की जागरुकता फैलाने को मनाया जाता है जन औषधि दिवस

Jan Aushadhi Diwas 2023 देश में प्रत्येक वर्ष 7 मार्च को जन औषधि दिवस मनाया जाता है। इस बार देश में 5वां ‘जन औषधि दिवस’ मनाया जा रहा है। जन औषधि दिवस 2023 की थीम ‘जन औषधि सस्ती भी अच्छी भी’ रखी गई है।

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जनता में जेनरिक दवाओं की जागरुकता फैलाने को मनाया जाता है जन औषधि दिवस

देश में प्रत्येक वर्ष 7 मार्च को जन औषधि दिवस मनाया जाता है। इस बार देश में 5वां ‘जन औषधि दिवस’ मनाया जा रहा है। जन औषधि दिवस 2023 की थीम ‘जन औषधि सस्ती भी अच्छी भी’ रखी गई है। अब देश की जनता को सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हों, इस उद्देश्य से भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने वर्ष 2008 के नवंबर माह में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) शुरू की गई थी। बस फिर क्या था भारतीय जन औषधि केंद्रों के विकास में कारवां यूं जुड़ता गया। 31 जनवरी 2023 तक, पूरे देश में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों की संख्या 9,082 हो गई है। इसके तहत, देश के 764 जिलों में से 743 जिलों को कवर किया गया है। केंद्र सरकार ने दिसंबर 2023 के अंत तक PMBJK की संख्या बढ़ाकर 10,000 करने का लक्ष्य रखा है। जन औषधि केंद्र के बारे में जनता में जागरूकता फैलाने के लिए 1 मार्च से 7 मार्च तक पूरे देश में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

जन औषधि केंद्रों पर बिकती है 1,759 दवाएं

जन औषधि केंद्रों में केंद्र सरकार के तहत 1,759 दवाएं और 280 सर्जिकल उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा, प्रोटीन पाउडर, माल्ट-बेस्ड फूड सप्लीमेंट्स, प्रोटीन बार, इम्युनिटी बार, सैनिटाइजर, मास्क, ग्लूकोमीटर, ऑक्सीमीटर आदि जैसी नई दवाएं और न्यूट्रास्यूटिकल्स उत्पाद भी लॉन्च किए गए हैं।

90 फीसदी तक मिलती हैं दवाइयां सस्ती

जन औषधि केंद्रों पर वर्तमान समय में 50 से 90 फीसदी तक दवाइयां सस्ती मिलती हैं। ये दवाएं गुणवत्ता के लिहाज से बेहतरीन और असरदार होती हैं। आंकड़ें बताते हैं कि, हर दिन करीब 12 लाख लोग इन जन औषधि केंद्रों पर जाते हैं।

जन औषधि केंद्र खोलने के इच्छुक को मिली मदद

जन औषधि केंद्र खोलने के लि सरकार की आकर्षक योजना है। जो व्यक्ति जन औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं उनको सरकार की तरफ से मदद भी दी जाती है। साथ ही उन्हें 20 फीसद का कमीशन भी दिया जाता है। तो जन औषधि केंद्र सस्ती दवाएं ही नहीं लोगों को रोजगार भी मुहैया कराती हैं।

वित्त वर्ष 2021-22 में बिकी 893 करोड़ रुपए की दवाएं

बीते वर्षों जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की बिक्री के आंकड़ों को देखें तो वित्त वर्ष 2021-22 में 893 करोड़ रुपए की दवाओं की बिक्री हुई है। इससे आम लोगों की जेब से 5360 करोड़ रुपए की मोटी बचत हुई है।

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